अयोध्या : अचानक बदल गई मतदाता पुनरीक्षण की तस्वीर, आंकड़ों ने दिखाया सियासी दलों को कार्यों का आईना
राजेंद्र कुमार पांडेय, अयोध्या, अमृत विचार : मतदाता पुनरीक्षण अभियान में अचानक तस्वीर बदल गई। अभियान दिवस पर प्रशासन के अफसर फील्ड में उतर गए। रिपोर्ट जारी कर दी गई। राजनीतिक दलों के कार्यों का आईना उनके सामने आ गया। उनके मतदाताओं के हित के कार्य फुस्स दिखाई पड़े।
एसआईआर में जिले में लगभग 3.37 लाख मतदाता शिफ्टेड, मृतक सहित अन्य की श्रेणी में आ गए। छह जनवरी को एसआईआर का ड्राफ्ट प्रकाशन हुआ तो आंकड़ा लगभग 15.70 लाख मतदाताओं तक लुढ़क गया। मतदाताओं की संख्या घटना सत्ता दल के साथ सभी की चिंता का विषय बन गया है। इसके बाद पुनरीक्षण अभियान के तहत अनमैपिंग मतदाताओं को नोटिस और नए नाम जोड़े जाने का अभियान शुरू हुआ, 11 जनवरी को इसके तहत विशेष दिवस का आयोजन किया गया।
19 जनवरी के विशेष अभियान दिवस में तस्वीर बदली दिखी। एसआईआर से अब तक इतनी प्रशासनिक सक्रियता नहीं दिखी थी। अचानक छोटे से बड़े अफसर तक बूथों पर पहुंच गए, समीक्षा की। निर्देश दिए। कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से न छूटे। दूसरी ओर आकंड़े सामने आए तो राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े दावे की हवा निकल गई। आंकड़े बताते हैं कि सपा, बसपा और भाजपा को छोड़ कोई भी राजनीतिक दल जिले के सभी 2053 बूथों के लिए बूथ लेबल एजेंट तक नहीं बना पाया। जबकि राष्ट्रीय और राज्यीय दलों की संख्या कुल आठ है। खास बात यह है कि किसी भी राजनीतिक से अब तक एक भी आपत्ति नहीं दाखिल की गई। जबकि व्यवस्था यह है कि बीएलए नागरिकों से दावे और आपत्तियां एकत्र कर सकते हैं। निर्धारित घोषणा पत्र के साथ स्वयं आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित प्रारुप या घोषणा पत्र के बिना जमा करने पर यह सामान्य शिकायतें मानी जाएंगी,लेकिन जिले में एक भी शिकायत नहीं आई। अलबत्ता ड्राफ्ट प्रकाशन के पहले और बाद में लोगों की ओर से आई शिकायतों का ब्योरा है। दोनों के तुलनात्मक कार्य की सूची अब अंदरखाने में चर्चा का विषय बन गई है।
दलों से बनाए गए बूथ लेबल एजेंट-
आप-13, बसपा-2053, भाजपा-2053, भाकपा(मा.)-0, कांग्रेस-1286, नेशनल पीपुल्स पार्टी-0, सपा-2053, अपना दल(सोनेलाल)-शून्य।
