एक साल बाद भी नहीं हुई केजीएमयू में भगवान की खंडित प्रतिमा मामले में कार्रवाई, भाजपा कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायत
एक साल बाद भी नहीं हुई केजीएमयू में भगवान की खंडित प्रतिमा मामले में कार्रवाई
लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू के एक विभाग में भगवान की प्रतिमा खंडित होने का मामला सामने आने के एक साल बाद भी प्रशासन और पुलिस के ठोस कदम न उठाने से नाराजगी बढ़ गई है। आरोप है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा यह संवेदनशील प्रकरण अनदेखा किया जा रहा है।
घटना पिछले साल जनवरी में ट्रॉमा सेंटर के एक विभाग में हुई थी। आरोप है कि आपसी विवाद के दौरान एक पक्ष ने मेज पर रखी भगवान की प्रतिमा तोड़ दी। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर भी की गई थी।
पोर्टल से शिकायत के बाद चौक कोतवाली को मामले की गंभीर और संवेदनशील जांच के लिए कहा गया, लेकिन पुलिस ने मामले की जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन के पाले में डाल दी। आम्बेडकर नगर निवासी भाजपा कार्यकर्ता अनिल मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई और जांच की मांग की, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई संगठनों ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है। लेकिन प्रकरण में किसी भी तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया या कदम नहीं उठाए जाने से विवाद बढ़ता जा रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है।
