ठंड में 'गर्म' हुआ तेल! सरसों और रिफाइंड ऑयल पहुंचा 170 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ, अमृत विचार: सर्दियों में खपत बढ़ने से सरसों तेल और रिफाइंड ऑयल भाव में उछाल आ गया है। एक माह के भीतर फुटकर बाजार में 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। तेल में कीमतों में आए इस उबाल का असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। मध्यम और निम्न वर्ग का बजट गबड़बड़ा गया है। अपनी बिक्री पर असर न पढ़े, इसलिए कंपनियों के चालाकी दिखाते हुए रिफाइंड का एक लीटर वाला पाउच 750 एमएल का कर दिया है।
फुटकर विक्रेता संजय सिंघल ने बताया कि नई सरसों की फसल आने में अभी करीब डेढ़ माह का समय है। बाजार में तेल की खपत बढ़ने से सरसों के भाव भी बढ़े हैं, इससे किसान सरसों को दबाने लगे हैं। खपत ज्यादा और सरसों कम मिलने की वजह से कंपनियों ने तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले एक महीने से कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। फरवरी से वैवाहिक समारोह और अन्य शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके बाद होली का त्योहार है। इससे मांग बढ़ती ही रहेगी। सहालग व त्योहारी सीजन में दाम और बढ़ने की संभावना है।
| ऑयल | दिसंबर माह के अंत में | मौजूदा दरें (कीमत रुपये प्रति लीटर) |
| बैल कोल्हू सरसों का तेल | 160 | 170 |
| रिफाइंड ऑयल | 160 | 170 |
कीमतें बढ़ती देख कंपनियों ने रिफाइंड का पाउच किया 750 एमएल
संजय सिंघल बताते हैं कि कंपनियों ने खपत ज्यादा देख नया रास्ता ढूंढ लिया है। एक लीटर के पाउच की मात्रा घटाते हुए 750 एमएल कर दी है। इसकी कीमत करीब 125 रुपये रख दी है। ज्यादातर आमजन पाउच लेते समय मात्रा पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में देखने में तो रिफाइंड की कीमत तो कम दिखती है लेकिन वास्तविकता में एक लीटर के दाम में बड़ा अंतर आया है।
