एक पद पर दो एक्स-रे टेक्नीशियन तैनात, सरकारी धन को कुछ यूं उड़ा रहा स्वास्थ्य विभाग!
लखनऊ, अमृत विचार : राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई जिलों में एक ही स्वीकृत पद पर नियमित और संविदा- दोनों तरह के एक्स-रे टेक्नीशियन कार्यरत दिखाए जा रहे हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष को प्राप्त शिकायती पत्र में बताया गया कि मिशन निदेशक द्वारा 24 जुलाई 2012 को जारी आदेश के तहत 177 एक्स-रे टेक्नीशियन पद इस शर्त पर स्वीकृत किए गए थे कि यदि इन पदों पर नियमित भर्ती होती है तो संविदा कर्मियों की नियुक्ति स्वतः समाप्त मानी जाएगी और उनका कोई दावा मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी में कई जिलों में एक ही केंद्र पर दो-दो टेक्नीशियन की तैनाती दर्शाई गई है।
शिकायतकर्ता द्वारा प्रेषित सूची के अनुसार अलीगढ़, अम्बेडकर नगर, अयोध्या, बाराबंकी, बांदा, हमीरपुर, हरदोई, झांसी, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और औरैया सहित कई जिलों के सामुदायिक एवं जिला अस्पतालों में यह स्थिति पाई गई है। इन स्थानों पर एक टेक्नीशियन की नियमित नियुक्ति होने के बावजूद एनएचएम के माध्यम से संविदा कर्मियों को भी तैनात दिखाया गया है।
आरोप लगाया गया है कि यह सब सीएमओ और अधीनस्थ लिपिकीय कर्मचारियों की मनमानी से किया जा रहा है, जिससे एनएचएम की धनराशि का गलत उपयोग हो रहा है और राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
