चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करेगा लखनऊ विश्वविद्यालय, शैक्षणिक उन्नयन के लिए हुई संकायाध्यक्षों की बैठक

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, शोध एवं प्रकाशन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, रैंकिंग सुदृढ़ करने और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संकायाध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कुलपति ने परिचय सत्र में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास को लेकर अपनी दृष्टि साझा की। इसके बाद सभी संकायाध्यक्षों ने अपने-अपने संकाय की वर्तमान स्थिति, शिक्षकों की संख्या तथा छात्र-छात्राओं की उपलब्धता की जानकारी दी। चर्चा के उपरांत विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक उन्नयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में यह तय किया गया कि प्रत्येक विभाग को शोध और प्रकाशन गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही हर विभाग के लिए वर्ष में कम से कम एक राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करना अनिवार्य किया गया। अधिष्ठाता, महाविद्यालय विकास परिषद को शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्यों के विकेंद्रीकरण का सुझाव दिया गया। सभी संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों को विश्वविद्यालय और सम्बद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।

‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ होगा एकीकृत

बैठक में कृषि संकाय को आईसीएआर अनुमोदन की स्थिति स्पष्ट करने तथा शिक्षा संकाय को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही विभागों को अपने एलएमएस को इंफ्लीबेंट के सर्वर पर ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ योजना के अंतर्गत एकीकृत करने का सुझाव भी दिया गया।

कौशल आधारित पाठ्यक्रम

अभिनवगुप्त सौंदर्यशास्त्र एवं शैव दर्शन संस्थान को कौशल आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने तथा इसके लिए एसओपी का मसौदा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिष्ठाता, छात्र कल्याण को छात्रों के लिए सामान्य एवं चिकित्सीय बीमा सुविधा उपलब्ध कराने तथा एनएसएस एवं एनसीसी इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।

80 घंटे करनी होगी सामाजिक इंटर्नशिप

अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के छात्रों के लिए प्रत्येक सत्र में 80 घंटे की सामाजिक इंटर्नशिप अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया गया। वहीं प्रबंधन अध्ययन संकाय को भविष्य में सीएटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया अपनाने तथा आईएमएस को प्रबंधन संकाय के साथ एकीकृत करने के निर्देश दिए गए।

विदेशी छात्रों की होगी बायोमेट्रिक उपस्थिति

बैठक में विदेशी छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने पर सहमति बनी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी विदेशी छात्र किसी अन्य संस्थान में एक साथ अध्ययनरत न हो।

फ्लिपकार्ट व अमेजन पर दिखेंगी कलाकृतियां

छात्रों की कलाकृतियों को फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित कर स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही एलुमिनाई मीट आयोजित कर विशेषज्ञ शिक्षकों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

विधि संकाय में होगा एआई

विधि संकाय में वरिष्ठ न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने तथा एआई आधारित पाठ्यक्रम को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए गए।

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