वाराणसी और हरिद्वार की तर्ज पर होगा बदलाव: गोवा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा...मांडवी नदी तट पर 'घाट आरती'
पणजी। गोवा सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरिद्वार, वाराणसी और नासिक जैसे प्रतिष्ठित नदी तट धार्मिक स्थलों की तर्ज पर नारोआ में मांडवी नदी के किनारे 'घाट आरती' सुविधा विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। राज्य के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने विधानसभा में बताया कि उत्तरी गोवा के नारोआ गांव में प्रस्तावित 'घाट आरती' तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकती है।
मांडवी नदी के तट पर स्थित नारोआ गांव में श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर है, जिसका पुनर्निर्माण मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज ने कराया था। हाल ही में आयोजित राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक लिखित उत्तर में खौंटे ने बताया कि इस परियोजना के लिए 10.85 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया गया है।
निर्माण कार्य एक अक्टूबर, 2025 को शुरू हुआ, जिसे 29 मई तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मेसर्स आईबी कंस्ट्रक्शन को सौंपी गई है और मानसून अवधि को छोड़कर इसे 240 दिनों में पूरा किया जाना है। खौंटे ने कहा कि प्रस्तावित 'घाट आरती' सुविधा से राज्य में धार्मिक पर्यटन को मजबूती मिलेगी।
ये भी पढ़ें :
रिश्वत लेते रंगे हाथों धरे गए दरोगा: डीलर भी दबोचा, एंटी करप्शन टीम अयोध्या ने की कार्रवाई
