प्रतापगढ़ जेल में हड़कंप! 13 किन्नरों में से 7 HIV पॉजिटिव, एक पुरुष भी मिला... अवैध वसूली के झगड़े में फंसे थे सभी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला जेल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र में अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर दो किन्नर गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद 13 लोगों को जेल भेजा गया था। जेल में मेडिकल जांच के दौरान 7 किन्नरों की प्रारंभिक रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई, जिससे जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

पूरा मामला क्या है?

रविवार को जेल रोड के पीछे किन्नर समुदाय के दो गुट—मिस्बा और अंजलि—के बीच पैसे के बंटवारे और क्षेत्र में वसूली को लेकर विवाद हुआ। बात हाथापाई तक पहुंची, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड तक चली। पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की भी की।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (190, 191(2), 191(3), 109(1), 115(2), 352, 351(3), 121, 132, 119(2)) के साथ 7 CLA एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया।

जेल में हुआ बड़ा खुलासा

जेल मैनुअल के अनुसार सभी आरोपियों का मेडिकल चेकअप और HIV स्क्रीनिंग कराई गई। नतीजे हैरान करने वाले थे। 7 किन्नरों की प्रारंभिक रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई। इनके ब्लड सैंपल की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। सभी 7 को तुरंत आइसोलेशन बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है और विशेष निगरानी में रखा जा रहा है।

मेडिकल जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 13 लोगों में से एक व्यक्ति पूर्ण रूप से पुरुष पाया गया, जो वेश बदलकर किन्नर समुदाय के साथ घूम रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह लंबे समय से इसी समूह का हिस्सा है। पुलिस का मानना है कि यह खुलासा किन्नरों के भेष में अवैध वसूली और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों करने वाले गिरोहों पर भी सवाल खड़े करता है।

जेल अधीक्षक और पुलिस की अपील

जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने कहा कि “संक्रमित व्यक्तियों को अलग रखा गया है। जो भी व्यक्ति हाल के दिनों में इनके संपर्क में आया है, वह एहतियात के तौर पर तुरंत अपनी HIV जांच करवा ले।”

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और आईपीएस प्रशांत राज हुडा ने साफ कहा कि अवैध वसूली और गुंडागर्दी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानवाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

अंजली सिंह, नैना, नीतू, शर्मिली, मोहित यादव उर्फ राखी (चंदौली), प्रियंका मौर्या, मुस्कान, निशा चौहान, मिस्बा, जोया, कशिश, मोहनी और किमी। अधिकांश प्रतापगढ़ के स्थानीय निवासी हैं।

 

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