Moradabad: पीतलनगरी के धातु निर्यातकों की निगाहें अब पर्यटन वाले देशों पर टिकी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। पीतलनगरी का विश्वविख्यात धातु हस्तशिल्प उद्योग की निगाहें अब पर्यटन वाले देशों पर टिक गई है। मुरादाबाद से हर साल हजारों करोड़ रुपये का पीतल की वस्तुओं का निर्यात विदेशों में होता है। लेकिन वैश्विक टैरिफ नीतियों और युद्धजनित अस्थिरता के कारण गहरा रही चुनौतियों से निकलने के लिए शहर के निर्यातकों की नजर और उम्मीद अब पर्यटन-प्रधान देशों की ओर टिक गई है। 

क्योंकि इन देशों में सांस्कृतिक और सजावटी वस्तुओं की मांग लगातार बनी है। अमेरिका के ट्रैरिफ की मार से बेजान हो रही धातु हस्तशिल्प उद्योग नये वैश्विक परिवेश व चुनौतियों के बीच घिरा है। पाबंदियों के चलते निर्यातकों की आर्थिक स्थिति लगातार दयनीय हो रही है। लेकिन अब स्थिति से उबरने के लिए यहां के निर्यातक नई संभावनाओं की तलाश में जुटे हैं। अब उनकी नजर नये बाजारों की ओर है। जिसमें पर्यटन प्रधान देशों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

नई संभावनाओं की ओर बढ़ा कदम
: थाईलैंड और श्रीलंका: पीतल की गौतम बुद्ध की प्रतिमाएं, मंदिर सजावट की वस्तुएं, और पारंपरिक दीपक।
: यूएई और यूरोप: आधुनिक डिज़ाइन वाले कैंडल स्टैंड, वाइन ग्लास सेट, और सजावटी ट्रे।
: अमेरिका और जापान: हैंडक्राफ्टेड टेबलवेयर, दीवार सजावट के आइटम, और गिफ्ट पैकिंग के लिए मेटल बॉक्स।

सरकारी सहयोग की उम्मीद
निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में प्रतिभाग करने के लिए सब्सिडी, लॉजिस्टिक सहायता और डिजिटल मार्केटिंग के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ ने इस दिशा में कई प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसमें सरकार से सकारात्मक कदम उठाने की आस लगी है।

आगे की राह
एमएचईए के नेतृत्व में निर्यातकों ने अगले छह महीने में दुबई, टोक्यो और बैंकॉक में होने वाली प्रदर्शनियों में भाग लेने की तैयारी की है। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मुरादाबाद ब्रांड को प्रमोट करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू हुआ है।

अध्यक्ष एमएचईए नवेद उर रहमान ने बताया कि मुरादाबाद का धातु उद्योग केवल व्यापार नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान है। जब पारंपरिक बाजारों में अनिश्चितता है, तो हमें अपनी कला को उन देशों तक पहुंचाना है जहां लोग संस्कृति को सराहते हैं। हम न केवल नए बाजारों की खोज कर रहे हैं, बल्कि उत्पादों की पैकेजिंग, डिज़ाइन और प्रस्तुति को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ढाल रहे हैं। सरकार से हमें सहयोग की अपेक्षा है जिससे मुरादाबाद का नाम फिर से वैश्विक मंच पर चमके।

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