अपनों पर भरोसा नहीं अब ''थर्ड पार्टी'' से करा रहे अवैध निर्माणों का सत्यापन, निर्माण कितना पुराना और कितने तल का है तैयार कर रहे रिपोर्ट

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Published By Muskan Dixit
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आवास विकास के अभियंता और तहसील के कर्मचारी मौके पर जा देख रहे निर्माण

लखनऊ, अमृत विचार : लाख कोशिशों के बाद भी शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन में तैनात जोनल अधिकारियों से लेकर प्रवर्तन के अभियंताओं की तैनाती के बाद भी अवैध निर्माण की शिकायतें थम नहीं रही हैं। इसे देखते हुए मंडलायुक्त एवं उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण विजय विश्वास पन्त के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माणों का गुपचुप थर्ड पार्टी सत्यापन शुरू हो गया है। अपनों पर भरोसा न जताते हुए उन्होंने अवैध निर्माण जांचने की जिम्मेदारी आवास विकास तहसील प्रशासन को दी है। अभियंता और तहसील के कर्मचारी मौके पर जाकर यह देख रहे हैं कि निर्माण आवासीय या व्यावसायिक, कितने तल का और कितना पुराना है। इसकी रिपोर्ट गुपचुप तरीके से तैयार की जा रही है। इस बात की जानकारी प्राधिकरण के अधिकारियों को तक नहीं है।

शहर में हो रहे अवैध निर्माण में प्राधिकरण के अभियंताओं की मिलीभगत की शिकायतें मंडलायुक्त को मिल रही हैं। एलडीए के सभी प्रवर्तन जोन में अवैध निर्माण खुलेआम चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि निर्माणकर्ताओं से प्रवर्तन के कर्मचारियों व अभियंताओं द्वारा स्लैब वाइज अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। जिसे देखते हुए मंडलायुक्त ने अवैध निर्माणों की जांच कराने का फैसला लिया है। जोन में जिस अभियंता और कर्मचारी की तैनाती के दौरान अवैध निर्माण पाया जाएगा उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

आवास विकास के अभियंताओं को भवनों, अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स की सूची दी जा रही है। इस सूची में विहित प्राधिकारी न्यायालय में चल रहे वाद संख्या और पता दिया है। अभियंता मौके पर जाकर आस-पास के लोगों से भवन का निर्माण कब हुआ यह पूछ रहे हैं। साथ ही गूगल ऐप का भी सहारा ले रहे हैं। 2010 के बाद बने भवनों के निर्माण का गूगल से रिकार्ड मिल जा रहा है। वहीं इससे पुराने भवनों के निर्माण की जानकारी पूछताछ करके दर्ज की जा रही है।

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