Basant Panchami 2026: देश में दिखी बसंत पंचमी की धूम, 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में लगाई डुबकी 

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

प्रयागराजः प्रयागराज में जारी माघ मेले में शुक्रवार को बसंत पंचमी स्नान पर्व पर दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि कल रात 12 बजे से ही लोगों का संगम क्षेत्र में आगमन और स्नान जारी है और आज बसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

MUSKAN DIXIT (42)

मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब मौजूद है। कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरे क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की भी निगरानी की जा रही है। सभी जगहों पर पुलिस प्रशासन के कर्मचारी अधिकारी तैनात हैं। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी पर पीला वस्त्र धारण करने, पीली वस्तुओं का दान करने का विधान है।

उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतु परिवर्तन का एहसास जनमानस को होने लगता है और लोग गुलाल आदि लगाकर इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान और योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

MUSKAN DIXIT (43)

पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग तैयार की गई हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सेमराधनाथ घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान

भदोही जिले के सेमराधनाथ गंगा घाट पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त की। काशी-प्रयाग व विंध्य पर्वत मालाओं के बीच पतित पावनी मां गंगा के तट स्थित सेमराधनाथ घाट पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त की। गुरुवार की अर्धरात्रि की बाद से गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का शुरू हुआ सिलसिला बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार की दोपहर तक जारी रहा। जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान कर इच्छित कामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

MUSKAN DIXIT (44)

प्रमुख ज्योतिषाचार्य पंडित मिथिलेश उपाध्याय ने बताया कि माघ मास में बसंत पंचमी पर स्नान का विशेष महत्व है। पंचमी पर 'अमृत स्नान' करने से सभी पाप धुल जाते हैं व आध्यात्मिक शुद्धि के साथ ज्ञान, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मां सरस्वती की कृपा बरसती है व बुद्धि और विवेक की वृद्धि होती है। यह स्नान मोक्ष प्राप्ति और पितरों की शांति का भी मार्ग प्रशस्त करता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पाप कर्मों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

उन्होंने बताया कि यह दिन ज्ञान की देवी सरस्वती को समर्पित है, इसलिए स्नान के साथ उनकी पूजा करने से विद्या, बुद्धि और कला के क्षेत्र में सफलता मिलती है तथा सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है। बसंत पंचमी (माघ शुक्ल पंचमी) के दिन संगम तट (प्रयागराज) पर किया जाने वाला स्नान 'अमृत स्नान' कहलाता है, क्योंकि इसे अदृश्य सरस्वती नदी का संगम भी माना जाता है। बसंत पंचमी का स्नान न केवल शारीरिक बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम है और ज्ञान व सौभाग्य की प्राप्ति का एक पवित्र अनुष्ठान भी है। बताया कि वसंत पंचमी के दिन स्नान-दान और पूजन करने से पापों का क्षय और अविद्या का नाश होता है

संबंधित समाचार