यूपी में बिजली कर्मियों का देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी, निजीकरण के विरोध में ऊर्जामंत्री को सौपा नोटिस
लखनऊ। बिजली क्षेत्र के निजीकरण और विद्युत संशोधन विधेयक-2025 के विरोध में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का नोटिस केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को सौंपा है।
एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि सार्वजनिक बिजली क्षेत्र को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ बिजली कर्मियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2025 पेश किया गया तो देशभर में तात्कालिक 'लाइटनिंग एक्शन' शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन बिल और राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 सस्ती बिजली, सार्वजनिक स्वामित्व, संघीय ढांचे और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए घातक हैं। फेडरेशन ने मल्टी-लाइसेंसिंग, स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग, पीपीपी मॉडल और ठेकेदारीकरण का विरोध करते हुए इसे बिजली व्यवस्था को अस्थिर करने वाला बताया।
एआईपीईएफ ने सरकार से बिल वापस लेने, निजीकरण पर पूर्ण विराम लगाने, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की है। फेडरेशन ने कहा कि यदि सरकार ने संवाद नहीं किया तो बिजली आपूर्ति में किसी भी व्यवधान की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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