बुलंदशहर में झोलाछाप की लापरवाही से नवजात की गर्दन धड़ से हुई अलग, प्रसव के दौरान हुआ हादसा
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में झोलाछाप महिला चिकित्सक की कथित लापरवाही से प्रसव के दौरान नवजात शिशु की गर्दन धड़ से अलग हो जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। घटना के बाद आरोपी झोलाछाप महिला चिकित्सक और संबंधित आशा कार्यकर्ता फरार हो गईं। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जहांगीराबाद कस्बा क्षेत्र के नई बस्ती मोहल्ले में जमीला नामक महिला अपने घर पर अवैध रूप से प्रसव कराती थी। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रूठा निवासी एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसी के पास लाया गया था। आरोप है कि प्रसव के दौरान घोर लापरवाही बरतने से नवजात शिशु का सिर गर्भाशय में ही रह गया, जबकि शरीर बाहर आ गया, जिससे शिशु की मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव की आशा कार्यकर्ता रूपवती की झोलाछाप महिला चिकित्सक से सांठगांठ थी और वह गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय निजी तौर पर जमीला के पास ले जाती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद दोनों आरोपी नवजात के शव को ठिकाने लगाने की तैयारी कर रही थीं, इसी दौरान पुलिस को सूचना दे दी गई।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और झोलाछाप महिला चिकित्सक तथा आशा कार्यकर्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रसूता महिला की हालत गंभीर है, जिसे उपचार के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
