Moradabad: अधिक स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा सर्वाइकल की परेशानी, जिला अस्पताल में मरीज दोगुना

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने शहरी ही नहीं, बल्कि अब ग्रामीण इलाकों में भी सर्वाइकल दर्द की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में सर्वाइकल दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। जहां पहले रोज 5 से 7 मरीज आते थे अब यह संख्या 15 तक पहुंच गई है।

जिला अस्पताल में तैनात फिजियोथेरेपिस्ट मोहम्मद इलियास तुर्की के अनुसार बदलती जीवनशैली इसका मुख्य कारण है। लंबे समय तक मोबाइल पर झुककर देखने, लैपटॉप पर गलत मुद्रा में काम करने, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मानसिक तनाव ने गर्दन और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं को आम बना दिया है। कई मरीज सर्वाइकल दर्द के साथ सिरदर्द, कंधों में जकड़न, हाथों में झनझनाहट और नींद की परेशानी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

फिजियोथेरेपी विभाग में आने वाले सर्वाइकल मरीजों में लगभग 40 प्रतिशत युवा हैं, जिनमें छात्र और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। वहीं, महिलाओं के साथ ही बच्चे और बुजुर्ग भी इस परेशानी से प्रभावित हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग और बुजुर्ग गलत तकिया और लंबे समय तक टीवी देखने की आदत देखने के कारण इस सर्वाइकल का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी विभाग में मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां थेरेपी, शॉर्ट वेव डायथर्मी, इलेक्ट्रोथेरेपी, ट्रैक्शन और विशेष व्यायाम के माध्यम से उपचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को व्यक्तिगत एक्सरसाइज चार्ट भी दिया जाता है।

पहले और अब के आंकड़े

- पहले रोजाना 5-7 सर्वाइकल मरीज आते थे
- अब रोजाना औसतन 15 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं
कौन कितने प्रभावित
25 प्रतिशत युवा प्रभावित
40 प्रतिशत महिलाएं प्रभावित
20 प्रतिशत बुजुर्ग प्रभावित
15 प्रतिशत बच्चे प्रभावित
बचाव के उपाय
- हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें।
- सही मुद्रा में बैठकर काम करें।
- गर्दन व कंधों की नियमित स्ट्रेचिंग करें।
- मोबाइल और लैपटॉप का सीमित उपयोग करें।
- सही तकिया लगाएं और आरामदायक कुर्सी पर बैठें।

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