देशभर के MGNREGA श्रमिकों से सीधा संवाद करेंगे खरगे-राहुल, 25 राज्यों से 400 से अधिक श्रमिक-कार्यकर्ता लेंगे हिस्सा

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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नई दिल्लीः कांग्रेस ने गुरुवार को यहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना-मनरेगा पर एक राष्ट्रीय संवाद का आयोजन किया है जिसमें देश के करीब 25 राज्यों से 400 से अधिक मनरेगा श्रमिक तथा कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे और मनरेगा को खत्म करने से हो रहे नुकसान पर व्यापक चर्चा करेंगे। 

कांग्रेस रचनात्मक विभाग के प्रमुख संदीप दीक्षित ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मनरेगा लोगों को अधिकार के रूप में मिला है लेकिन भाजपा सरकार ने इस अधिकार को छीना है और कांग्रेस इसका विरोध कर रही है और इसकी बहाली के लिए देशव्यापी आंदोलन चला रही है। 

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मनरेगा में काम किया है उनके विचार से रू-ब-रू होने के मद्देनजर गुरुवार को यहां जवाहर भवन में संवाद कार्यक्रम रखा गया है जिसमें मनरेगा से जुड़े देशभर से आये लोग चर्चा करेंगे और आगे के लिए रणनीति बनाएंगे। इस कार्यक्रम में करीब 25 राज्यों से मनरेगा के रूप में काम करने वाले श्रमिकों के साथ ही मनरेगा के लिए काम करने वाले लोग भी शामिल होंगे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिाकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मनरेगा श्रमिकों के साथ सीधा संवाद करेंगे। 

उन्होंने कहा कि मनरेगा को बदलकर भाजपा जिस नए एक्ट (वीबी-जी राम जी) को लाई है, उसका कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। कई राज्यों और जिलों में 'मनरेगा बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। आखिर सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों पर हमला किया है। पंचायत के लोग इस कार्यक्रम में बताएंगे कि किस तरह से मनरेगा ने उनकी मदद की है और उनके गांवों में विकास कार्य हुआ है इन सब मुद्दों पर इसमें चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा योजना कोविड के समय में करोड़ों लोगो के लिए एक संजीवनी बनी थी। मनरेगा ने लोगों के मन में अपनी जगह बना ली थी। ऐसे में हमने तमाम ऐसी संस्थाओं से संवाद किया जो किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए काम करते रहे हैं। संवाद और चर्चाओं में एक ही बात निकल कर आई है कि लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में मनरेगा पर संवाद होगा और जो कार्यकर्ता हैं वे अपने विचार रखेंगे। ये वो लोग हैं, जिन्होंने अपने गांव में मनरेगा का इस्तेमाल कर सड़कें, स्कूल, पंचायत भवन, तालाब, वॉटर हार्वेंस्टिंग के प्लांट बनाए हैं। ये सभी वो लोग हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से और मनरेगा के सहयोग से देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंचायतों ने खुद तय कर अपनी समृद्धि और विकास के लिए काम किया और सरकार उनके साथ खड़ी रही। मोदी सरकार इस पूरी प्रक्रिया को नष्ट कर रही है। 

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