UGC की नई नियमावली का विरोध: काशी में आज भी प्रदर्शन जारी, बताया भेदभावपूर्ण
वाराणसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय संत समिति ने भी विरोध जताया। समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंदानन्द सरस्वती ने कहा कि यूजीसी की यह नियमावली पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। यह हिंदू समाज को कई वर्गों में बाँटने वाला फैसला है।
अखिल भारतीय संत समिति इसे स्वीकार नहीं करती। उन्होंने आगे कहा, "जिस समानता के अधिकार की बात की जा रही है, उसे यूजीसी खुद नहीं फॉलो कर रही। छात्र जीवन में ही छात्रों के मन में जातिगत भावना इस कदर भर दी जाएगी, तो न्याय की आशा कैसे की जा सकती है?
झूठी शिकायतों पर किसी सजा का प्रावधान नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में उच्च जाति में जन्मे छात्रों में अपराध-बोध पैदा किया जा रहा है। इस नियमावली को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग है कि जिन अधिकारियों ने यह नियमावली बनवाई, उनसे त्यागपत्र लिया जाए।"
दूसरी ओर, जिला मुख्यालय तथा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आज भी विरोध प्रदर्शन जारी है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और काशी विद्यापीठ में प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। विद्यापीठ के छात्र अभिषेक सिंह ने बताया कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य वर्ग (स्वर्ण जाति) के छात्रों के विरुद्ध यह नियमावली है। आखिर सामान्य वर्ग वालों को इससे अलग क्यों किया गया?
