कृषि-खाद्य क्रांति का नया अध्याय... संयुक्त राष्ट्र की TEEB एग्री-फूड पहल में तकनीकी नवाचारों पर जोर, लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक
लखनऊ, अमृत विचार : संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ''टीईईबी एग्री फूड'' पहल के अंतर्गत गुरुवार को गोमती नगर स्थित होटल नोवोटेल में एक उच्चस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में 20 से अधिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रहे 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और कृषि-खाद्य प्रणाली में तकनीकी नवाचार अपनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम आईसीएआर- भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदिपुरम्, मेरठ द्वारा किया गया। उप महानिदेशक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन आईसीएआर, नई दिल्ली डॉ. एके नायक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। ''टीईईबी एग्री फूड'' पहल के तहत सत्य मूल्य लेखांकन: भारत और केन्या में खाद्य प्रणाली रूपांतरण के लिए आर्थिक तर्क की प्रस्तुति दी गई। अंतरराष्ट्रीय परियोजना के तहत कार्यक्रम का समन्वय परियोजना अन्वेषक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मेराज आलम अंसारी ने किया। केंद्र एवं राज्य सरकार के विभाग, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय, निजी संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाें ने प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने कृषि-खाद्य प्रणाली के रूपांतरण में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। आईसीएआर-सीआईएसएच लखनऊ के निदेशक डॉ. टी दामोदरन ने कृषि अनुसंधान की स्थिति पर विचार साझा किए। विज्ञानियों ने विशेष रूप से तकनीकी नवाचारों और संस्थागत समन्वय पर जोर दिया। वरिष्ठ कृषि विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार दुबे ने तकनीकी नवाचार बताए।
विशिष्ट अतिथि प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र ने कृषि नियोजन में पारिस्थितिकीय एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। परियोजना प्रबंधक रूबेन गेरगन ने टीईईबी ढांचे पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी। इस दौरान यूपी सीएआर के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह, पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. अमित मोहन प्रसाद, वरिष्ठ नीति सलाहकार टीईईबी डॉ. अलका भार्गव आदि ने परिचर्चा की।
