NHM के संविदा कर्मचारियों को भी मिले कैशलेश इलाज... संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने की मुख्यमंत्री से मांग

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उप्र. के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अनुदेशक, शिक्षामित्रों की तरह से ही एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को भी पांच लाख रुपए तक कैशलेश इलाज की सुविधाएं दी जाएं। स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी आज भी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में करीब 98 हजार संविदाकर्मी सीमित मानदेय और कठिन परिस्थितियों में आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि यही कार्मिक एवं उनके परिवार स्वास्थ्य बीमा जैसी जरूरी सुविधा से आज भी वंचित हैं। गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में अल्प मानदेय पाने वाले इन कार्मिकों के लिए इलाज का समुचित प्रबंध कर पाना अत्यंत कठिन हो जाता है। परिणामस्वरूप अनेक परिवार मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक संकट से गुजरते हैं। कई बार समय पर उपचार न मिल पाने की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य बजट से आवश्यक धनराशि की व्यवस्था कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत समस्त संविदा कार्मिकों एवं उनके परिवारों को मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा आच्छादन प्रदान किया जाए।

 

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