राज्यपाल ने लोहिया आयुर्विज्ञान संस्था की नैक तैयारी पर समीक्षा की, कहा- मूल्यांकन में दस्तावेज प्रमाणित एविडेंस के साथ करें प्रस्तुत
लखनऊ, अमृत विचार : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शोध और नवाचार के महत्व पर बल देते हुए पेटेंट और औषधि विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने सामाजिक गतिविधियों, टीबी और सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन, आंगनवाड़ी किट वितरण, स्वच्छता, जल एवं भोजन गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रीन ओपीडी पहल के परिणामों का सुव्यवस्थित डाटा प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
राज्यपाल, शुक्रवार को जन भवन में लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डीआर.आर.एम.एल.आई.), के अधिकारियों द्वारा नैक मूल्यांकन की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण के दौरान संबोधित कर रही थी। इस दौरान संस्थान के विभिन्न विभागों की टीम ने मूल्यांकन के मापदण्डों और तैयारियों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया।
साथ ही आनंदी बेन पटेल ने निर्देश दिए कि सभी दस्तावेज प्रमाणित एविडेंस के साथ प्रस्तुत किए जाएँ और गतिविधियों के फोटोग्राफ्स उपयुक्त कैप्शन सहित संलग्न हों। उन्होंने प्रभावी फीडबैक प्रणाली पर बल देते हुए विद्यार्थियों और कर्मचारियों से व्यक्तिगत फीडबैक लेने, मानकीकृत फॉर्म तैयार करने और सुझावों के आधार पर गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने संस्थान में फैकल्टी, अध्ययनरत विद्यार्थियों की विविधता और अन्य राज्यों एवं देशों से आए छात्रों की संख्या स्पष्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और उनके परिवारों के भत्तों और उपचार की सुनिश्चित व्यवस्था पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, शिक्षा विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह एवं संस्थान की नैक मूल्यांकन टीम उपस्थित रही।
