Budget 2026: उद्यमियों ने रखीं अहम मांगें, बजट को लेकर दिए व्यावहारिक सुझाव
डिफेंस कॉरिडोर, एमएसएमई, आईटी और निर्यात पर फोकस, औद्योगिक सुधारों पर संतोष
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों की उपस्थिति में शनिवार को आयोजित विशेष बैठक में उद्योग संगठनों और उद्यमियों ने बजट 2026-27 के संदर्भ में अपने सुझाव और अपेक्षाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और प्रभावी बनाने के लिए उद्योग जगत से व्यावहारिक सुझाव देने का आह्वान किया।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन अभिषेक सराफ ने डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए भूमि आवंटन की आवश्यकता पर जोर दिया और शीघ्र निर्णय की अपेक्षा जताई। वहीं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड किए जाने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्योग जगत ने औद्योगिक कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन पर संतोष जताया और इसे सकारात्मक सुधार बताया। इंडिया पेस्टीसाइड लिमिटेड के प्रतिनिधि ने कहा कि इन सुधारों से उद्योगों को अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों से राहत मिली है, हालांकि आगे और सुधारों की अपेक्षा बनी हुई है।
एसोचैम के को-चेयरमैन हसन याकूब ने “वन कंपनी–वन रजिस्टर–वन लेटर” जैसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया, ताकि अनुपालन प्रक्रिया सरल हो सके। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ नीति की तर्ज पर फिलीपींस में भी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो प्रदेश की नीति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है
बैठक में एमएसएमई, आईटी और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने आईटीआई संस्थानों के उन्नयन, रिसर्च व इनोवेशन को बढ़ावा देने और इक्विटी मार्केट के विकास की आवश्यकता बताई। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में ओटीएस योजना लाने और एमएसएमई इकाइयों का एक्सपोर्ट काउंसिल्स से नियमित संवाद कराने का सुझाव दिया गया।
नैसकॉम के लखनऊ चैप्टर के चेयरमैन रमीश जैदी ने छोटी आईटी कंपनियों के लिए प्लग-एंड-प्ले फैसिलिटी की जरूरत बताई। वहीं क्रेडाई यूपी के अध्यक्ष शोभित मोहन दास ने उद्योग बंधु की तर्ज पर ‘आवास बंधु’ बैठक शुरू करने की मांग रखी।
दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राज्य अध्यक्ष मनीष वर्मा से संवाद में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में एससी/एसटी वर्ग के कम से कम 10 युवा उद्यमी तैयार करने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों पर जोर दिया, ताकि समावेशी औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।
