Bareilly :रिंग रोड...अपात्र महिला को किया 1.13 करोड़ का भुगतान बना गले की फांस
बरेली, अमृत विचार। निर्माणाधीन रिंग रोड की भूमि अर्जन करने के दौरान तहसीलदार सदर की गलती से अपात्र महिला को 1.13 करोड़ रुपये के भुगतान करने का मामला अफसरों के गले की फांस बन गया है। एडीएम जे की जांच में तहसीलदार सदर की गलती से भुगतान होने पर अपात्र महिला को धनराशि रिकवर कराने के लिए वसूली प्रमाणपत्र जारी किया गया।
इस पर महिला हाईकोर्ट इलाहाबाद चली गयी। महिला ने तहसील सदर से जारी वसूली प्रमाणपत्र पर रोक लगाने के लिए अर्जी लगा दी। इससे तहसील सदर और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के अधिकारी परेशान हो गए हैं। अब हाईकोर्ट से मामला निस्तारित होने या कोई आदेश आने तक महिला से इतनी बड़ी रकम रिकवर कराना संभव नहीं है, वहीं जिस महिला की भूमि अर्जन की गयी है, वह भुगतान मांग रही है।
दरअसल, रिंग रोड के निर्माण के लिए सदर तहसील के महेशपुर ठाकुरान गांव की भूमि का 11 दिसंबर 2023 को अवार्ड घोषित किया गया। 13 फरवरी 2025 को तहसीलदार सदर ने अर्जन से प्रभावित संयुक्त गाटा संख्या-517 के सह खातेदारों के अंश प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए थे। गाटे का रकबा 2.3150 हेक्टेयर है। इसमें भगवान देई की 0.3160 हेक्टेयर जमीन है। शेष जमीन चार भाइयों में अमर पाल सिंह, अर्जुन सिंह, देशपाल सिंह और यशपाल सिंह के नाम है। बाद में मामला पकड़ा गया कि भगवान देई के खाते में 1.13 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। सह खातेदार यशपाल ने शिकायती पत्र देते हुए डीएम से जांच की मांग के साथ अपात्र भगवान देई से रकम वापस लेने की मांग भी की है।
डीएम ने एडीएम न्यायिक एवं विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी देश दीपक सिंह से मामले की जांच कराई। जांच में यह बात सामने आई कि राजस्व कर्मियों ने मौका और अभिलेख देखे बिना ही सह खातेदारों का अंश निर्धारित कर दिया था। उस रिपोर्ट को सत्यापित कराए बिना तहसीलदार सदर ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी। उसी रिपोर्ट पर एसएलएओ ने अपात्र भगवान देई के खाते में 24 फरवरी 2025 को मुआवजा राशि ट्रांसफर की थी। इस संबंध में तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह और एडीएम जे देश दीपक सिंह को कॉल की गयी मगर कॉल रिसीव न होने से इनका पक्ष नहीं मिला है।
