चैंबर ऑफ कॉमर्स : इनकम टैक्स में कई सरलीकरण अच्छे तो कुछ परेशानी बढ़ाने वाले
बरेली, अमृत विचार। रामपुर रोड स्थित होटल में रविवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सोसाइटी के तत्वाधान में बजट पर परिचर्चा आयोजित की गयी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सीए रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने इनकम टैक्स में हुए कुछ सरलीकरण को अच्छा बताया, लेकिन कुछ परिवर्तन उद्यमियों को परेशानी बढ़ाने वाला बताया।
अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट में कहीं न कहीं सरकार की विकास कर देश को आगे बढ़ाने की स्पष्ट मंशा झलकती है। इनकम टैक्स में कुछ छूटों का प्रावधान समाप्त करने व पेनाल्टी या कानूनी कार्रवाई की जगह पेनाल्टी व वैधानिक कार्रवाई, 2 वर्ष की जेल का प्रावधान किया जाना उद्यमियों व व्यापारियों के लिए भारी निराशाजनक प्रावधान किया है। इससे लोग हतोत्साहित होकर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने से पहले विचार को बाध्य होंगे।
रात-दिन कड़ी मेहनत कर अपने कर्मचारियों के परिवार, अपने परिवार, सामाजिक सरोकारों के माध्यम से जनता के हितों के अलावा सरकार को टैक्स देकर देश के विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाले को पेनाल्टी व जेल दोनों की तरफ ले जाना चिंता का विषय है। ये विकास विरोधी निर्णय है। सरकार इसी टैक्स से तमाम विकास का खाका खींचने को दम भरती है। ऐसे में टैक्स देने वाला व्यापार बढ़ाने से बचेगा जो आज नहीं तो कल सरकार की चिंता का कारण बनेगा।
जीएसटी पर प्रमुख वक्ता के रूप में सीए कपिल वैश्य ने बजट को विकास पूरक तो बताया लेकिन सरलीकरण पर और आवश्यकता बतायी। अन्य वक्ताओं ने भी बजट के विभिन्न अच्छे बुरे पहलुओं पर अपने विचार रख सुझाव प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में सीए प्रकाश चंद्र षर्मा, सीए मनोज मंगल, सीए शरद मिश्रा, सीए पवन अग्रवाल ने भी अपने रखे। सचिव डाॅ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने मेडिकल क्षेत्र के लिए की गयी घोषणाओं को जन हितैशी बताया।
मुख्य रूप से डॉ मनीष शर्मा, डॉ विनय खंडेलवाल, डॉ विमल भारद्वाज, डॉ नीरज सक्सेना, पीयूष अग्रवाल, रवि अग्रवाल, उमेश निमानी, आशुतोष शर्मा, डॉ एमएस बासु, इं सुधीर गुप्ता, जयप्रकाश देवनानी, सिद्धार्थ जसोरिया, वरुण गुप्ता, दीपक मलिक, पवन गुप्ता, दिनेश सिंह, हेमंत अग्रवाल, सुनीत मोना, लकी मोगा, पुष्पेंद्र कुमार, सुभाष मेहरा आदि उपस्थित रहे।
