चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने से योगी सरकार ने रुका वेतन... शिक्षक संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
मानव संपदा पोर्टल पर नहीं भरने से रुका वेतन
लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ के करीब पांच हजार परिषदीय शिक्षकों का वेतन रोके जाने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसका कड़ा विरोध जताते हुए जिलाधिकारी से मुलाकात कर वेतन तत्काल जारी कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिना स्पष्ट आदेश के वेतन रोकना पूरी तरह अनुचित है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लखनऊ में परिषदीय शिक्षकों का वेतन मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण न भरने के आधार पर रोका गया है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण भरने संबंधी निर्देश केवल राज्य कर्मचारियों के लिए जारी किए गए हैं, जबकि परिषदीय शिक्षक राज्य कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि परिषदीय शिक्षकों से संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर भरने के संबंध में अब तक न तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और न ही वित्त एवं लेखा अधिकारी (बेसिक) द्वारा कोई लिखित आदेश निर्गत किया गया है। ऐसी स्थिति में बिना किसी स्पष्ट शासनादेश अथवा निर्देश के शिक्षकों का वेतन रोका जाना मनमाना और नियमों के विपरीत है।
संगठन के मीडिया प्रभारी हरि शंकर राठौर ने बताया कि वेतन रोके जाने से शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन को आंदोलनात्मक और लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। इस अवसर पर जिला मंत्री बृजेश कुमार मौर्य, जिला संयुक्त मंत्री मोहम्मद रियाज, जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
