रूस या वेनेजुएला .... तेल खरीद पर आ गया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान, ट्रंप के दावे पर कही ये बड़ी बात
दिल्ली। भारत ने रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर चल रही तमाम अटकलबाजियों के बीच गुरुवार को स्पष्ट किया कि देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और बाजार परिस्थितियों तथा बदलते अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना उसकी रणनीति का हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में रूस और वेनेजुएला से तेल की खरीद के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत के पहले के रूख में कोई बदलाव नहीं आया है और वह अपने लोगों के हित में पहले की तरह की कदम उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा, "सरकार ने कई अवसरों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाज़ार परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के सभी कदम इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर उठाये गए हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि जहां तक वेनेज़ुएला का सवाल है वह ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से भारत का साझेदार रहा है व्यापार के स्तर पर भी और निवेश के स्तर पर भी। उन्होंने कहा," हम 2019-20 तक वेनेज़ुएला से ऊर्जा और कच्चा तेल आयात कर रहे थे, जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। इसके बाद 2023-24 में हमने फिर से वेनेज़ुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध दोबारा लगाए जाने के बाद हमें इसे फिर से रोकना पड़ा।"
प्रवक्ता ने कहा कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी के साथ साझेदारी रही है और भारत की वहां 2008 से मौजूदगी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत ने वेनेज़ुएला सहित कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले किसी भी नये पक्ष पर विचार करने के लिए विकल्प खुला रखा हुआ है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है और अब उसने वेनेजुएला तथा अमेरिका से तेल खरीदने पर सहमति व्यक्त की है।
