बाराबंकी : सूफी संत की दरगाह के बाहर अव्यवस्था का बोलबाला, प्रसाद दुकानदार अक्सर करते हैं विवाद, सख्त कार्रवाई की मांग
दीपराज सिंह/देवा/बाराबंकी, अमृत विचार: हाजी वारिस अली शाह की दरगाह वर्षों से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत मिसाल रही है। यही पवित्र मजार है, जहां होली के पर्व पर दोनों समुदाय मिलकर रंग खेलते हैं और सौहार्द का संदेश देते हैं। राम नगरी अयोध्या से भी हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां चादर चढ़ाकर नए साल की शुरुआत करते हैं।
लेकिन गुरुवार को दरगाह के बाहर हुई घटना ने इस पहचान पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। मजार मार्ग के दोनों पटरियों पर प्रसाद की दुकानें लगती हैं, जिनके बाहर विक्रेता स्टूल डालकर बैठते हैं, जबकि बीच मार्ग पर ठेला वालों का कब्जा रहता है। इससे जायरीनों के आने-जाने का रास्ता संकरा हो जाता है।
अधिकारियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी अव्यवस्था के बीच कुछ प्रसाद विक्रेता जायरीनों को जबरन अपनी-अपनी दुकानों से प्रसाद खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। यदि कोई जायरीन किसी अन्य दुकान से प्रसाद ले ले या बिना खरीदे आगे बढ़ जाए, तो उस पर अनावश्यक टिप्पणियां की जाती हैं। कई बार यही टिप्पणियां विवाद का रूप ले लेती हैं।
गुरुवार को इसी तरह की बदसलूकी ने तूल पकड़ लिया, जब जियारत के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु के साथ गाली-गलौज, मारपीट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप सामने आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
स्थानीय बुजुर्गों और समाजसेवियों का कहना है कि सूफी संत हाजी वारिस अली शाह ने पूरी जिंदगी प्रेम, बराबरी और इंसानियत का पैगाम दिया। ऐसे में दरगाह के बाहर होने वाली ऐसी घटनाएं उसी सोच के खिलाफ हैं। लोगों की मांग है कि प्रशासन और दरगाह प्रबंधन मिलकर मजार मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराएं और प्रसाद बिक्री की स्पष्ट व्यवस्था तय करें, ताकि यह दरगाह आगे भी होली की तरह हर त्योहार पर कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल बनी रहे।
थाना देवा के प्रभारी कोतवाल धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि नगर पंचायत और पुलिस की टीम द्वारा मजार मार्ग सहित कस्बे के समस्त मार्गों पर अतिक्रमण हटाया जाता है। मजार मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे के द्वारा निगरानी बढ़ाई जाएगी। किसी भी जायरीन के साथ बदसलूकी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
