बंदियों की रिहाई में लापरवाही हुई तो होगी सख्त कार्रवाई, बोले पीसी मीणा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

  1. विशेष टीम की जांच के दायरे में आ रहे बांदा जेल के आधा दर्जन कर्मी
  2. फरार रवि काना के बारे में सप्ताह भर बाद भी पुलिस है खाली हाथ

लखनऊ, अमृत विचार: कुख्यात स्कैप माफिया और गैंगस्टर रविन्द्र उर्फ रवि काना की बांदा जेल से अवैध रिहाई के बाद जहां जेल अफसरों और कर्मियों की दिक्कतें दिनों दिन बढ़ रही हैं, वहीं प्रदेश के महानिदेशक कारागार पीसी मीणा ने भी तल्ख रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश भर के जेल अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि बंदियों की रिहाई में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। यदि लापरवाही हुई तो फिर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उधर रवि काना को फरार हुए सप्ताह भर बीत चुका है। लेकिन अभी तक गिरफ्तारी तो दूर पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा सकी है। डीजी कारागार पीसी मीणा ने बताया कि प्रदेश भर के सभी डीआईजी जेल, जेल अधीक्षक व जेलरों को विस्तार से निर्देश जारी किए हैं। उधर इस मामले में बांदा जेल के अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर के निलंबन के बाद बांदा के एडीशनल पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष टीम रवि काना की रिहाई की जांच कर रही है। 

टीम ने दर्जन भर जेल कर्मियों के बयान लिए हैं, वहीं अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। वहीं थाने में जेल अफसर और कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में भी पुलिस अलग से तफ्तीश कर रही है। सूत्रों का दावा है कि विशेष जांच में आधा दर्जन बंदी रक्षक भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर आला अफसरों को भेज दी जाएगी।

फरार रवि काना का नहीं लगा सुराग

कुख्यात गैंगस्टर रविन्द्र नागर उर्फ रवि काना पुत्र यतेन्द्र सिंह, निवासी दादूपुर थाना दनकौर जिला गौतमबुद्धनगर बांदा जेल में बंद था। उसे बगैर किसी अदालत के सक्षम आदेश के 29 जनवरी की शाम छह बजे बांदा जेल से रिहा कर दिया गया था। हैरत की बात तो यह है कि सप्ताह भर से अधिक समय बीत जाने की बाद भी रवि काना की गिरफ्तारी को तो दूर, कोई सुराग नहीं लग सका है। रवि काना की तलाश में लखनऊ, दनकौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, दिल्ली और उत्तराखंड में लगातार दबिश दी जा रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संबंधित समाचार