अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा में उत्साह बरकरार, दुश्वारियों के बावजूद पहुंच रहे श्रद्धालु 

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Published By Anjali Singh
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अयोध्या,अमृत विचार: दुश्वारियों के बावजूद अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा में श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। अवध धाम हनुमान मंडल के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पहला जत्था बुधवार रात आस्तीकन बाजार स्थित श्री आस्तीक आश्रम के समीप परिषदीय विद्यालय परिसर पहुंचा। आस्तीक आश्रम पर पवन तिवारी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद, राजकुमार तिवारी, प्रदीप सिंह, विकास सिंह समेत ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन किया। साधु-संतों की सेवा की, बृहस्पतिवार सुबह जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के बीच परिक्रमार्थियों का जत्था अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया। 

परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मार्ग में कई दुश्वारियां आती हैं, लेकिन विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित होकर श्रद्धालु सभी कष्टों को सहर्ष स्वीकार करते हैं।कहुआ गांव के महादेवन पर ग्रामीणों ने साधु-संतों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की। पूर्व प्रधान जितेन्द्र नाथ द्विवेदी, खुशीराम दूबे, शिवपूजन दूबे, कौशल मिश्रा आदि ने ग्रामीणों के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों के लिए दोपहर भोजन प्रसाद के साथ आदर-सत्कार किया। 

आस्तीकन के मेडिकल कैंप ने थकान और चोट से जूझ रहे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी। शाम तक परिक्रमार्थी सिड़सिड़ पहुंचे, यहां भाजपा नेता राम सजीवन मिश्र और अरुण गुप्ता की देखरेख में व्यवस्था की गई। यात्रा में अयोध्या के साथ मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हैं।

बीमार 24 से ज्यादा श्रद्धालु, टीम ने किया इलाज

अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा का दूसरा जत्था महंत गया दास की अगुवाई में गुरुवार सुबह अपने सातवें पड़ाव स्थल सीताकुंड तोरो माफी बीकापुर पहुंचा। यहां अधीक्षक डॉ. अंशुमान यादव, डॉ. शादाब अहमद, डॉ. प्रतीक्षा वर्मा के साथ सीएचसी की टीम ने बीमार 24 श्रद्धालुओं का उपचार किया।

सीता कुंड पर सरवराहकार सुरेश चंद्र पांडे, बीडीसी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप पांडे, उमेश पांडेय, श्रीनिवास पांडेय आदि ने पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर साधु-संतों का स्वागत किया। परिक्रमा में नेपाल के छह श्रद्धालुओं के साथ देश के विभिन्न प्रदेशों के करीब 600 भक्त शामिल है।

सीताकुंड पहुंचा दूसरा जत्था, साफ-सफाई और स्नान, शौच की दिक्कत

सीताकुंड के किनारे स्थित मंदिरों में भजन कीर्तन जयघोष होता रहा। साफ सफाई न होने से यहां श्रद्धालु गंदगी के बीच रुकने को मजबूर हुए। कुंड में जलकुंभी से, काला प्रदूषण युक्त पानी होने से सरोवर में आचमन और स्नान नहीं कर सके। रैन बसेरा और शेड न होने से साधु-संत और श्रद्धालु खुले में चद्दर बिछाकर लेटे रहे। सार्वजनिक शौचालय ताला बंद रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हुई। महंत गया दास, संस्कृत विद्यालय के रिटायर्ड प्रधानाचार्य रामनारायण शास्त्री, धौलपुर राजस्थान से आए नागा जयरामदास, रामदास जी रामायणी सहित साधु-संतों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था तो ठीक है,लेकिन साफ सफाई और अन्य व्यवस्था ठीक नहीं है।

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