यूपी : लखनऊ में वकीलों को लाठियां बांटने पर हाईकोर्ट सख्त, आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध कब्जे (वकीलों के चैंबर) हटाने पर बवाल मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने वकीलों को लाठियां बांटे जाने के मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, हमने वो वीडियो देखे हैं, जिसमें वकीलों को लाठियां बांटी गईं। सवाल उठाया कि क्या लाठियां बंटवाकर प्रशासन को सही काम करने से रोका जा सकता है। ये गंभीर है। सुप्रीमकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के के क्रम में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही है।
लखनऊ में पिछले सप्ताह सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर भारी बवाल हो गया था। दरअसल, अवैध कब्जे के रूप में वकीलों के चैंबर थे। स्थानीय पुलिस-प्रशासन जब अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो वकीलों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उसके बाद प्रशासन ने सख्ती के साथ वकीलों को खदेड़ा। लाठियां फटकाराईं। वकीलों पर लाठीचार्ज से ये मामला और पेचीदा हो गया और वकील धरने पर बैठ गए। इसके बाद कुछ वकीलों को यहां लाठियां बांटी गई थीं। जिसे, प्रशासन को चुनौती को रूप में देखा जा रहा है।
डेढ़ घंटे चली सुनवाई
सोमवार को इस मामले में हाईकोर्ट में करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई चली। वकीलों के चेंबर हटाए जाने को लेकर सेंट्रल बार के अध्यक्ष और महामंत्री ने स्वयं ही बहस की। हाईकोर्ट ने कहा कि हमने वकीलों में लाठियां बटवाते वीडियो देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के अनुपालन के क्रम में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार करेंगे। इस दौरान कोर्ट ने फटकार भी लगाई। सिविल कोर्ट में एक सप्ताह से वकीलों की हड़ताल चल रही है। कोर्ट ने इसका भी संज्ञान लिया।
