प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 :  राज्यपाल ने किया उद्घाटन, किसान हुए सम्मानित

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पुष्प सज्जा केवल गमलों तक सीमित न होकर विचार एवं संदेश देने वाली होनी चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे। उन्होंने शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी विभागों, संस्थानों, किसानों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदर्शनी में रचनात्मकता और नवाचार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

राज्यपाल शुक्रवार को आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान एवं कृषि विपणन दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने इस दौरान प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी है और सभी को इसे डाउनलोड कर अवश्य सुनना चाहिए।

राज्यपाल ने प्रदर्शनी की अवधि एक दिन बढ़ाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सोमवार को भी स्कूलों के बच्चे एवं अन्य दर्शक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। साथ ही विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रदर्शनी से संबंधित पेंटिंग, कविता एवं निबंध तैयार कर जन भवन भेजें। इस मौके पर शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल, सब्जी, फूलों एवं संरक्षित खेती को बढ़ावा दे रही है। उत्तर प्रदेश में हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाकर मूल्य संवर्धन किया जा रहा है।

जनभवन में आधार के शुभंकर ‘उदय’ ने बच्चों से की मुलाकात

जनभवन में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दौरान आधार के शुभंकर ‘उदय’ (यूडीएआई) ने बच्चों से मुलाकात कर आधार से जुड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ उदय के साथ सहभागिता की और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। इस पहल के माध्यम से बच्चों के 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) तथा आधार नामांकन के महत्व के बारे में प्रभावी ढंग से जानकारी दी गई।

अभिभावकों को बताया गया कि समय पर बायोमेट्रिक अपडेट न कराने से आधार से जुड़ी कई सेवाओं में बाधा आ सकती है। प्रदर्शनी के दौरान राजभवन परिसर में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर का भी आयोजन किया गया है, जहां आगंतुकों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में नागरिकों को आधार अपडेट, नामांकन एवं आवश्यक सुधारों की सुविधा दी जा रही है।

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