'एक दिन, एक घंटा, एक साथ'... हरिद्वार में सफाई का महाअभियान, स्वच्छता में देश का नंबर-1 बनाने की मुहिम
हरिद्वार। उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद को स्वच्छता रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को एक ऐतिहासिक और वृहद सफाई महाअभियान चलाया गया। "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" के नारे के साथ सुबह 10 बजे पूरे जनपद में एक साथ सफाई अभियान की शुरुआत हुई, जिसमें गंगा घाटों, मेला क्षेत्र, शहरी व ग्रामीण इलाकों, मोहल्लों, मुख्य सड़कों, कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर सफाई की गई।
प्रशासन के अनुसार इस महाअभियान में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जिससे यह जनपद का अब तक का सबसे बड़ा जनसहभागिता आधारित स्वच्छता अभियान बन गया। सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मुख्य अभियान पंतदीप-चमगादड़ टापू क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सफाई अभियान का नेतृत्व किया।
इस दौरान शांतिकुंज परिवार के सैकड़ों कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला समूह, व्यापार मंडल, औद्योगिक संगठन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में अभियान से जुड़े। जनपद के सभी प्रमुख गंगा घाटों, मेला क्षेत्र और आवासीय क्षेत्रों में एक साथ झाड़ू लगाकर सफाई की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार को उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर जनपद बनाने के लक्ष्य के साथ पिछले तीन महीनों से लगातार सफाई और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि स्वच्छता को लोगों की जीवनशैली में शामिल करने की दिशा में निरंतर प्रयास है। राष्ट्रीय राजमार्गों, विभागीय परिसरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई के साथ नागरिकों को उनकी जिम्मेदारी का भी एहसास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 फरवरी को लक्ष्य रखा गया था कि पूरे जनपद में कम से कम एक लाख लोग सफाई के लिए बाहर निकलें और लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार एक से दो घंटे सफाई के लिए समय दिया।
जिलाधिकारी ने हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनपद में बड़ी संख्या में फ्लोटिंग पॉपुलेशन रहती है, ऐसे में सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से कूड़ा खुले में न फेंकने, डस्टबिन का प्रयोग करने और सफाई कर्मियों का सहयोग करने की अपील की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल और निर्देशों के अनुरूप हरिद्वार पुलिस, जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों, व्यापार मंडलों और आम जनता के सहयोग से यह वृहद सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल एक दिन की सफाई नहीं, बल्कि स्वच्छता को स्थायी आदत बनाना है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित महाकुंभ को देखते हुए हरिद्वार में स्वच्छता का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वयं झाड़ू उठाकर अपनी कॉलोनियों, सोसाइटियों और गलियों की सफाई की। कई लोगों ने फोन और संदेशों के माध्यम से प्रशासन को अभियान में अपनी भागीदारी की जानकारी भी दी। जिला प्रशासन का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में केवल एक घंटा स्वच्छता के लिए निकाल ले, तो हरिद्वार की सड़कें, गलियां और गंगा घाट स्वतः ही स्वच्छ और सुंदर बन सकते हैं। यह वृहद सफाई महाअभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया और हरिद्वार को स्वच्छता में देश का अग्रणी जनपद बनाने की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।
