Bareilly: वन-टाइम टैक्स से व्यावसायिक वाहन स्वामियों को राहत
बरेली, अमृत विचार। परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहन चालकों को राहत देते हुए वन टाइम टैक्स योजना लागू की है। इस योजना के तहत 7500 किलोग्राम तक वजन वाले व्यवसायिक वाहनों के मालिकों को अब टैक्स जमा करने में आसान सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत जिले में करीब 28 हजार व्यावसायिक वाहनों से परिवहन विभाग को लगभग आठ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
आरटीओ प्रशासन के पंकज सिंह ने बताया कि इससे पहले टैक्सी, बाइक कैब, मैक्सी कैब, मालवाहक और अन्य विशेष व्यवसायिक वाहनों के संचालकों को सालाना या छह माह में टैक्स जमा करने की चिंता रहती थी। अब उन्हें वन-टाइम टैक्स विकल्प के जरिये राहत मिल जाएगी। नई योजना में अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए टैक्स दरें निर्धारित की गई हैं। किराये या मेहनताना पर चलने वाली बाइकों के लिए टैक्स दर 12.5 प्रतिशत तय की गई है, जबकि तीन पहिया मोटर कैब पर यह सात प्रतिशत होगी। चार पहिया मोटर कैब और मैक्सी कैब के टैक्स की दर वाहन की कीमत पर निर्भर करेगी। 10 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर 10.5 प्रतिशत और उससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
आरटीओ के अनुसार क्रेन, ड्रिलिंग मशीन और कंक्रीट मिक्सर जैसे विशेष व्यावसायिक वाहनों पर कुल मूल्य का 6 प्रतिशत टैक्स लागू होगा। मालवाहक वाहनों के लिए टैक्स उनकी कुल भार क्षमता पर आधारित होगा। तीन हजार किलोग्राम से अधिक जीवीडब्ल्यू वाले मालवाहक वाहन पर 3 प्रतिशत और 3,000 से 7,500 किलोग्राम तक जीवीडब्ल्यू वाले वाहन पर 6 प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है। इस योजना के लागू होने से व्यावसायिक वाहन चालकों को टैक्स जमा करने में सरलता होगी और प्रशासन को भी निश्चित राजस्व प्राप्त होगा।
विलंब होने पर पेनाल्टी का नहीं रहेगा डर
कॉमर्शियल वाहन स्वामियों को टैक्स की अदायगी के लिए हर तीन माह में आरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। किस्त भुगतान में विलंब हुआ तो बकाया टैक्स पर प्रति माह पांच प्रतिशत की दर से पेनाल्टी वसूल की जाती रही है। साथ ही वाहन पर टैक्स बकाये में परिवहन व पुलिस बंद करती रही है। ऐसे में यह जरूर है कि एक साथ धनराशि जमा करनी होगी।
देशभर में कहीं भी कराएं वाहन फिटनेस जांच
आरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने मोटर यान अधिनियम 1998 का 29वां अधिनियम भी प्रभावी कर दिया है। इसके तहत वाहन चाहे जिस जनपद से पंजीकृत हो फिटनेस देशभर में कहीं से भी लिया जा सकता है। इस प्रावधान से वाहन स्वामियों को अनावश्यक दौड़ भाग करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग अपने गृह जनपद से वाहन खरीदने का प्रयास करते हैं, लेकिन नौकरी पेशा होने के कारण वाहन तैनाती वाले स्थान पर साथ रखते हैं। उक्त वाहनों की फिटनेस के लिए वाहनों के उन्हें गृह जनपद का रुख करना पड़ता। लेकिन, इस नियम के प्रभावी होने से किसी भी जनपद के परिवहन विभाग में फिटनेस के लिए आवेदन कर सकेंगे। संबंधित जनपद के अधिकारी पंद्रह दिन के भीतर फिटनेस जारी कर इसे ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
