बाराबंकी : महादेवा में कांवड़ियों का मेला, प्रशासन ने संभाली कमान

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Published By Virendra Pandey
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रामनगर, बाराबंकी, अमृत विचार : महाशिवरात्रि के करीब आते ही तैयारियों को लेकर प्रशासन ने भी कमर कस ली है। बुधवार को डीएम, एसपी की मौजूदगी में महादेवा मेला से जुड़ी बैठक में साफ सफाई, सुरक्षा के साथ ही भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। ताकीद की गई कि शिवभक्तों के साथ शालीन व्यवहार हो। 

बम्भनी स्थित ऑडिटोरियम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि कानपुर, बिठूर, जालौन, झांसी सहित दूर-दराज के जनपदों से श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कांवर लेकर मेले में पहुंचते हैं, इसलिए उनके साथ शालीन व्यवहार किया जाए और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क मार्ग की मरम्मत और सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मसौली से मंदिर तक पड़ने वाले पेट्रोल पंपों व अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था कराने तथा सड़क पर बिखरी गिट्टियों को तत्काल दुरुस्त कराने को भी कहा। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि खुले तारों और अवैध कटिया पर निगरानी रखी जाए तथा जहां भी विद्युत लाइन खुली हो, उसे तुरंत ठीक कराया जाए। नगर पंचायत और विकास विभाग को मेला क्षेत्र में लगातार सफाई व्यवस्था बनाए रखने और कहीं भी कीचड़ या जलभराव न होने देने के निर्देश दिए गए।

मंदिर परिसर में जर्जर छज्जों के नीचे सुरक्षा के लिए मजबूत जाली लगाने को भी कहा गया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने भीड़ प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में कहीं भी भीड़ एकत्र न होने दी जाए। मोबाइल टीमें लगातार भ्रमण कर व्यवस्था बनाए रखें और बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिसकर्मी दर्शनार्थियों की लाइन नियंत्रित ढंग से आगे बढ़ाते रहें। गर्भगृह में अधिक भीड़ होने पर अस्थायी रूप से लाइन रोककर स्थिति सामान्य होने पर आगे बढ़ाया जाए। इस दौरान विधायक शरद अवस्थी, एडीएम निरंकार सिंह, एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीएमओ अवधेश कुमार यादव, सीओ गरिमा पंत, कोतवाल अनिल कुमार पांडेय, चौकी इंचार्ज अभिनंदन पांडेय, बीडीओ जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

थकान भूल भोले की नगरी पहुंच निहाल कांवरिए

सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा के फाल्गुनी मेले में कांवरियों का आगमन लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरा मेला क्षेत्र हर-हर बम-बम के जयकारों से गुंजायमान है। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे शिवभक्त मंदिर में जलाभिषेक व पूजा-अर्चना कर मेला बाग में विश्राम कर रहे हैं। रंग-बिरंगी टोपियों और भोंपू की दुकानों पर भी काफी भीड़ उमड़ रही है, जहां श्रद्धालु खरीदारी करते दिखाई दे रहे हैं। कांवरियों का एक जत्था लगभग 101 मीटर लंबा भगवा ध्वज लेकर मंदिर पहुंचा। ध्वज चढ़ाने के दौरान पूरे परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई दी। जत्थे के साथ भगवान शंकर और नंदी की आकर्षक झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। कानपुर देहात क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान अरविंद राजपूत भी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से मेला बाग पहुंचे। यहां उन्होंने भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी व लड्डू का प्रसाद वितरित कराया। कानपुर घाटमपुर क्षेत्र के चौबेपुर से आए काँवरियों के जत्थे के महंत छून्नू पाल के निर्देशन में श्रीपाल, राजेश और शिवशंकर मेला कांवर लेकर मन्दिर पहुंचे। 

भक्तिमय माहौल के बीच अव्यवस्थाएं भी

डीएम के निर्देशों के बावजूद लोधेश्वर महादेवा के फाल्गुनी मेले में कई अव्यवस्थाएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। बुधवार को मेला क्षेत्र में खड़े पानी के टैंकर से पानी बहकर आसपास फैल गया, जिससे कीचड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसी कीचड़ के बीच से होकर कांवरियों को टैंकर से पानी लेने जाना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराए जाने की आवश्यकता है। मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। मंदिर से विश्वकल्याण द्वार होते हुए महादेवा चौकी जाने वाले सड़क मार्ग के किनारे कई स्थानों पर रोशनी कम होने से रात के समय श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मेला बाग में लगी कई दुकानों पर अभी तक रेट बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में खरीदारी के दौरान पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद की आशंका बनी हुई है।

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