ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारण की कवायद शुरू, इन लोगों से ली जाएगी राय
नई व्यवस्था चैत्र नवरात्र से पूर्व लागू करने की योजना
अयोध्या, अमृत विचार : रामपथ पर लता चौक से टेढ़ी बाजार तक के मार्ग पर ई-रिक्शा संचालन पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब यातायात पुलिस ई-रिक्शा वाहनों के लिए रूट निर्धारण की प्रक्रिया में जुट गई है। उम्मीद है कि दो से तीन दिनों पर रूट चार्ट बना लिया जाएगा। इसके बाद इस पर आम लोगों, विशेषज्ञों व ई-रिक्शा यूनियन व चालकों से राय ली जाएगी। उम्मीद है कि चैत्र नवरात्र से पूर्व इसे लागू कर दिया जाएगा।
अयोध्या धाम में रामपथ पर ई रिक्शा वाहनों के संचालन के लिए वर्ष 2024 में यातायात पुलिस द्वारा रूट निर्धारण किया गया था। इसमें अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, हाईवे, सरयू घाट, टेढ़ी बाजार, मतगजेंद्र चौराहा, गोलाघाट समेत 12 रूट निर्धारित किए गए थे। इस रूटचार्ट में खामियां ज्यादा थी, इसके चलते कुछ दिन बाद इसे स्थगित कर दिया गया।
अब नए सिरे से रूट निर्धारण की प्रक्रिया पर कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए छह लोगों की एक टीम बनाई गई है जिसने अयोध्या के विभिन्न मार्गों, गलियों का सर्वे भी कर लिया है। यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। रूट निर्धारित होने के बाद इस पर विशेषज्ञों की राय ली जाएगी, साथ ही ई रिक्शा यूनियन व चालकों के भी सुझाव लिए जाएंगे। किस मार्ग पर कौन चालक चलना चाहता है, इसका भी ख्याल रखा जाएगा। सभी की सहमति के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
नए सिरे से होगा सत्यापन
एसपी यातायात एपी सिंह ने बताया कि रूट निर्धारण कर इसे लागू करने से पहले अयोध्या धाम में संचालित ई-रिक्शा वाहनों का नए सिरे से सत्यापन भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य बाहरी वाहनों को शहर से बाहर करना भी है। इसके तहत उन्हीं वाहनों का सत्यापन किया जाएगा जो कोतवाली अयोध्या व थाना राम जन्मभूमि क्षेत्र अंतर्गत के निवासी हैं। यही नहीं यह भी विचार हो रहा है कि कोतवाली अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र के निवासी चालकों को शहर के अंदर नहीं बल्कि परिक्रमा पथ पर ही चलने दिया जाए। ध्यान रहे कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या धाम व अयोध्या शहर में चल रहे ई-रिक्शा वाहनों का सत्यापन किया गया था। इसके बाद इसे दो जोन में बांटा गया था।
