बाराबंकी : जिस दरवाजे बजनी थी शहनाई, वहां छाई मायूसी, ऐन वक्त मांगी कार व रुपये, अब शादी से इनकार

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Published By Deepak Mishra
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सुबेहा/बाराबंकी, अमृत विचार। 19 फरवरी को वधू पक्ष के दरवाजे पर बारात अब नही आएगी। तिलक होते ही वर पक्ष ने कार व दो लाख रुपये की मांग रख दी, वधू पक्ष के असमर्थ होने पर न सिर्फ शादी से इनकार किया गया बल्कि बातचीत के लिए पहुंचे पिता के साथ मारपीट की गई।

थाना क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर निवासी रामराज दी गई तहरीर में बताया कि उनकी बहन श्यामपती का विवाह ग्राम गढ़ी मजरे गोसियामऊ निवासी रामजी पुत्र हरिश्चन्द्र के साथ 19 फरवरी को तय था। दोनों पक्षों के बीच पूर्व में वरीक्षा कार्यक्रम सम्पन्न हो चुका था, जिसमें वादी पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार नकदी व अन्य सामान दिया था। 12 फरवरी को तिलक की तारीख तय कर निमंत्रण पत्र वितरित किए जा चुके थे।

आरोप है कि तिलक चढ़ाने से पहले ही वर पक्ष ने कार्यक्रम विवाह के दिन करने का बहाना बनाकर रोक दिया। बाद में चार पहिया गाड़ी और दो लाख रुपये नकद दहेज में देने की मांग रख दी। पीड़ित के अनुसार उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार मोटरसाइकिल देने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने अतिरिक्त दहेज न मिलने पर शादी से इंकार कर दिया। 

रामराज का आरोप है कि जब वह बातचीत के लिए आरोपियों के दरवाजे पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई। साथ ही आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि उसकी बहन मानसिक दबाव में है और किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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