Bareilly: शत्रु संपत्ति पर बने हैं पुलिस थाना, स्कूल-मंदिर और कब्रिस्तान

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। भारत छोड़कर पाकिस्तान में बसे नागरिकों की कई शत्रु संपत्तियों पर बिल्डिंगें बनी हुई हैं। आंवला तहसील में नलकूप, पुलिस थाना, स्कूल, मन्दिर इत्यादि के अलावा तहसील सदर में कब्रिस्तान आदि बने हुए हैं। 6 दिन पहले हुई समीक्षा बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद आंकड़े सामने आए। एडीएम सिटी ने जिन शत्रु संपत्तियों पर अवैध रूप से मकान व भवन आदि का निर्माण है, उन जमीनों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। नामांतरण, चिन्हीकरण एवं मूल्यांकन से जुड़े अधिकारियों को 15 दिन के अंदर अवशेष संपत्तियों की डीवीसी और नामांतरण की कार्यवाही कराने के निर्देश दिए गए हैं।

एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने नायब तहसीलदार आंवला को निर्देश दिए कि तहसील आंवला की शेष 1 शत्रु संपत्ति में नामांतरण एवं डीवीसी की कार्यवाही शीघ्र करें। इस पर नायब तहसीलदार ने बताया कि एसडीएम आंवला के न्यायालय में एक शत्रु संपत्ति के प्रकरण में बंटवारे के वाद में शत्रु संपत्ति के अंश/हिस्सा का बंटवारा सही से नहीं हुआ है। नायब तहसीलदार को एसडीएम न्यायालय में पुन: प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर 15 दिन के अन्दर अंश, हिस्सा ठीक कराकर डीवीसी के निर्देश दिए। तहसील आंवला में 13 डीवीसी की सूचना दी। नलकूप, पुलिस थाना, स्कूल, मन्दिर इत्यादि बने होने का उल्लेख किया है। मूल्यांकन समिति को निर्देश दिए कि नलकूप, पुलिस थाना, स्कूल, मंदिर इत्यादि के भाग को छोड़कर शेष भाग का पुनः मूल्यांकन करें।

तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील सदर की 7 डीवीसी एवं नगर निगम की 45 डीवीसी होना शेष है। 11 डीवीसी मिली हैं। इसका अवलोकन करने पर पाया कि ग्राम महेशपुर अटरिया में शत्रु संपत्ति की 7 डीवीसी बनायी है। एक गाटा मिनजुमला में विभाजित होने के कारण 4 डीवीसी बनायी गयी हैं। निर्देश दिए मिनजुमला में विभाजित नम्बरों की एक डीवीसी पार्टवार बनाएं।

ग्राम महेशपुर अटरिया में स्थित शत्रु संपत्तियों पर कब्रिस्तान बना है। जिन गाटों पर कब्रिस्तान बना है, उन गाटों के संबंध में शत्रु संपत्ति कार्यालय लखनऊ से मार्ग दर्शन लें। ग्राम बेनीपुर चौधरी की चार डीवीसी को अलग करके शत्रु संपत्ति कार्यालय के निर्देशानुसार डीवीसी बनाएं। 45 संपत्तियां नगर क्षेत्र से संबंधित होने के कारण चिन्हांकन, नामांतरण एवं डीवीसी की कार्यवाही की जानी है। नगर निगम के राजवीर सिंह ने बताया कि वेस्टिंग आर्डर में 18 वेस्टिंग आर्डर नगर निगम के हैं, जिनमें से 1 संपत्ति नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज होना पाई गयी है, जबकि 7 संपत्तियों को मैच कर लिया। 14 संपत्तियां अनमैच बताईं। 

राजवीर सिंह को निर्देश दिए कि नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज एक संपत्ति की डीवीसी बनवाकर आख्या तीन दिन के अन्दर उपलब्ध कराएं। नगर निगम से जुड़ी समस्त संपत्तियों का चिन्हांकन, नामांतरण व मूल्यांकन इत्यादि की कार्यवाही तहसीलदार सदर एवं सर्वेक्षक अरविंद मिश्रा से समन्वय कर 15 दिन के अन्दर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। दरअसल, शत्रु संपत्तियों के नामांतरण, चिन्हीकरण एवं मूल्यांकन (डीवीसी) के संबंध में हुई बैठक के 16 फरवरी को एडीएम सिटी सौरभ दुबे की ओर से जारी मिनट्स में बताया गया है कि जनपद में स्थित 220 संपत्तियों के सापेक्ष लखनऊ के शत्रु संपत्ति कार्यालय से 177 शत्रु संपत्तियों के संबंध में वेस्टिंग आर्डर मिले थे।

10 फरवरी तक की रिपोर्ट
तहसील            कुल संख्या डीवीसी म्युटेशन
फरीदपुर            4             4             4

नवाबगंज            4             4             4

बहेड़ी             12             5               5

आंवला            71             56         70

सदर             129             45          52

कुल             220             114         135


इतनी संपत्तियां म्युटेशन व डीवीसी के लिए रह गईं
बहेड़ी में 7-7 संपत्तियां, आंवला में 15-1 संपत्तियां व सदर तहसील में 84 और 77 संपत्तियां डीवीसी व म्युटेशन के लिए रह गई हैं। कुल 106 संपत्तियां डीवीसी और 85 म्युटेशन के लिए रह गयी हैं।

135 शत्रु संपत्तियों पर पाक नागरिकों का मालिकाना हक समाप्त
भारत छोड़कर पाकिस्तान में बसे नागरिकों का 135 शत्रु संपत्तियों पर मालिकाना हक समाप्त हो गया। ये संपत्तियां अभिरक्षक शत्रु संपत्ति मुंबई के नाम पर दर्ज करा दी गईं। डीवीसी (डिवैस्टमेंट) के बाद जिला प्रशासन ने अमलदरामद अभिरक्षक शत्रु संपत्ति मुंबई के नाम करा दिया। जनपद में लगभग 220 शत्रु संपत्तियों के सापेक्ष 114 की डीवीसी करा ली गयी है। 10 फरवरी को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंकड़े पेश किए गए।

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