शोएब किदवई हत्याकांड : जांच के दायरे में बैंक खाता व सीडीआर पर कड़ी नजर, जांच में जुटी पुलिस
बाराबंकी, अमृत विचार। अधिवक्ता शोएब किदवई हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीम के हाथ अभी कोई खास लीड तो नहीं लगी है पर सीडीआर व लेन देन पर शक गहरा गया है। घटना के दिन बाराबंकी आते समय किसी नजदीकी परिचित से बातचीत के साथ ही जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक के बैंक खाते में हर माह बड़ी रकम भेजी जा रही थी।
एक पहलू यह भी कि मृतक का नाम जिस गैंग से अब तक जुड़ा रहा, उससे दूरी की वजह आखिर क्या रही। इस बीच परिजनों से बातचीत का प्रयास कामयाब नहीं हो सका। गत शुक्रवार को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर जेलर हत्याकांड के आरोपी व मुख्तार गैंग के सदस्य रहे शोएब किदवई उर्फ बाबी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना को हुए तीन दिन बीत चुके हैं पर टीमें किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं।
सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों से पूछतांछ के बाद पुलिस हर पहलू को जांच की नजर से देख रही है। खासकर परिवार से बातचीत टीम का खास मकसद है। पुलिस का मानना है कि परिजन इस घटना को लेकर जो जानकारी देंगे, उसमें से भी कुछ तथ्य जांच में शामिल किए जा सकते हैं कुछ न हासिल होने पर भी टीम को बात हो जाने की संतुष्टि मिल जाएगी।
इस बीच सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पता लगा है कि मृतक के लखनऊ से बाराबंकी लौटते समय किसी खास परिचित से बातचीत हुई थी। इसके ठीक बाद यह घटना हो गई। सीडीआर के हवाले से यह बातचीत जांच के दायरे में है। यह भी बताया जा रहा कि मृतक के बैंक खाते में हर माह बड़ी रकम भेजी जा रही थी। यह रकम कौन कहां से भेज रहा था, इसकी भी जांच शामिल कर ली गई है।
वहीं एक तथ्य यह भी कि मृतक शोएब ने क्या पुराने गैंग से दूरी बना ली थी, फिर वह किससे जुड़ा। इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि टीमें लगातार जुटी हुई हैं। हर एक तथ्य को जांच में शामिल किया जा रहा। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।
