Bareilly : युवक की हत्या में दो भाइयों समेत तीन को उम्रकैद
रंजिश में 16 वर्ष पूर्व युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में कोर्ट ने जुर्माना भी डाला
बरेली, अमृत विचार। 16 वर्ष पूर्व रंजिशन युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश्वर पाण्डेय ने थाना बिथरी चैनपुर के गौटिया देवी नरायन निवासी नरेन्द्र पाल सिंह, धर्मपाल (सगे भाई), गोपी को परीक्षण में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को 16500-16500 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी।
सरकारी वकील राजेश्वरी गंगवार और पंकज कुमार ने बताया कि वादी मुकदमा प्रेमबाबू ने थाना बारादरी में 27 मई 2010 को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी पुत्री पुष्पा की शादी नरेन्द्र के पुत्र श्याम सुन्दर उर्फ चिन्टू के साथ तय की थी। इसमें रोके में 55 हजार रुपये दिये थे। कुछ दिन बाद नरेन्द्र ने अपने पुत्र की शादी करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने रोके में दिए गए रुपये भी वापस नहीं दिये। उसने बिटिया की शादी 21 मई 2010 को दूसरी जगह कर दी। नरेन्द्र और उसके साथी 27 मई 2010 को उसकी दुकानों के सामने से निकलकर जा रहे थे। इस पर उसने और छोटे भाई ने आवाज देकर अपने पैसे वापस करने को कहा। इतना कहते ही नरेन्द्र ने कहा कि तेरा रुपया मुझ पर नहीं है। अब वह वापस नहीं करेगा। इसी पर नरेन्द्र ने कहा कि तुझे जो कर मिले कर लेना, अभी तेरा हिसाब चुकता करवाता हूं।
कुछ समय बाद नरेन्द्र अपने हाथ में डंडा लेकर अपने साथ भाई धर्मपाल के साथ आया। उसके हाथ में फरसा था। श्यामसुन्दर उर्फ चिन्टू के हाथ में देशी तमंचा था, गोपी के हाथ में 12 बोर का तमंचा था। शाम करीब करीब 6.30 बजे एकराय होकर आये और नरेन्द्र ने कहा कि मारो सालों को। इतने पर ही चिन्टू व गोपी ने अपने हाथों में लिए तमंचों से और सभी ने फरसा-डंडों से हमला शुरू कर दिया। हमले में मेरे भाई बलवंत, दुर्विजय और उसे काफी चोटें आई। जब मेरा भतीजा सौरभ दुकान की छत की तरफ भागा तो इन लोगों ने छत पर जाकर भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बलवा, विधि विरुद्ध जमाव, दुकान में घुसकर हत्या, आयुध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। अभियोजन ने 10 गवाह पेश किये।
