UP SIR : नवदीप रिणवा ने की नागरिकों से अपील, 6 मार्च तक मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं अपना नाम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने नागरिकों से अपील की है कि दावा एवं आपत्ति अवधि की अंतिम तिथि छह मार्च 2026 तक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए नागरिक इसीनेट मोबाइल ऐप और वोटर्स.इसीआई.जीओवी.इन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 (एसआईआर) के अंतर्गत रविवार को प्रदेशभर के सभी 1.77 लाख मतदेय स्थलों पर चौथा विशेष अभियान दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मतदाता सूची को शुद्ध बनाना है। इससे पहले 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी 2026 को भी तीन विशेष अभियान दिवस आयोजित किए जा चुके हैं। अभियान के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहे और मतदाताओं से नाम जोड़ने, संशोधन और अन्य संबंधित आवेदन प्राप्त किए।
उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क की विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां मतदाताओं को प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 भरने में सहायता प्रदान की गई। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट ने भी अभियान में सहयोग किया। जबकि जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित 3.26 करोड़ नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक 1.66 करोड़ से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। इस प्रकार प्रदेश में नोटिस सुनवाई की औसत प्रगति 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
वहीं औरैया, एटा, अम्बेडकरनगर, शामली, फिरोजाबाद, बदायूं, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर और मथुरा सहित 11 जनपदों ने 70 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर बेहतर प्रदर्शन किया है। नवदीप रिणवा ने कहा कि इसके अलावा मऊ, बलरामपुर, ललितपुर, अमेठी, श्रावस्ती, सम्भल, गोण्डा, पीलीभीत, गाजियाबाद, कानपुर देहात, महराजगंज, देवरिया, बहराइच, रायबरेली और कौशाम्बी जैसे जनपदों को नोटिस सुनवाई की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
