कानपुर : डीएम बोले- न्याय केवल न्यायालयों तक समित नहीं, लोगों के अधिकारों से जुड़ा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

सीएसजेएमयू में वृहद विधिक सेवा व जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

कानपुर, अमृत विचार। न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है। आर्थिक अभाव के कारण जो लोग न्याय पाने में असमर्थ हैं, उन्हें निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासन की प्रत्येक कल्याणकारी योजना विधिक अधिकार और दायित्व से जुड़ी है। इसलिए उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर आयोजित शिविर लोगों को अपने अधिकार समझने का अवसर देते हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी। 

सीएसजेएमयू के रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने वृहद विधिक सेवा व जागरूकता शिविर का आयोजन किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित कर उन्हें प्रमाणपत्र और प्रतीकात्मक लाभ प्रदान किए। साथ ही 43 विभागों की प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दी। जिला जज अनमोल पाल ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वह अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को भी जागरूक करें। 

कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण न्याय को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रभारी सचिव डीएलएसए कर्णिका अवध ने डीएलएसए की विभिन्न योजनाओं और लोक अदालतों की भूमिका पर जानकारी दी। सीडीओ दीक्षा जैन ने कहा कि यह मंच न्याय और विकास को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम है। वहीं, शिविर में मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत माधुरी पत्नी अजय कुमार और अनीता पत्नी ओमप्रकाश को आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई।

आयुष्मान योजना के अंतर्गत उमा, सुषमा, सिया व जानकी को आयुष्मान कार्ड दिए गए। टूल किट योजना के तहत लक्ष्मी और पूजा को सिलाई मशीन वितरित की। श्रम विभाग की योजनाओं से लल्ली देवी, बबलू, धनदेवी और उमेश कुमार को लाभान्वित किया गया। राजेश कुमार गुप्ता, मोहन कुमार और मनोज कुमार सहित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण दिए। महिला बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से सृष्टि अनिरुद्ध, रियांश, रुद्रांशी व वैष्णवी को अन्नप्राशन कराया गया। 

इन विभागों के लगे स्टॉल में लोगों को मिली जानकारी 

नोडल अधिकारी व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय सिंह ने कहा कि शिविर का उद्देश्य न्याय को आम लोगों तक पहुंचाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक प्रसारित करना रहा। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डूडा, ग्राम विकास, परिवहन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, रेशम विकास, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मिशन शक्ति, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, श्रम, बाल विकास, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, पशुपालन, उद्योग, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और जिला कारागार सहित 43 विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

संबंधित समाचार