बहराइच : सरकारी पुस्तकों के गबन का खुलासा, 13,082 किताबें बरामद, चार गिरफ्तार
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में थाना रामगांव पुलिस ने परिषदीय विद्यालयों की सरकारी पाठ्यपुस्तकों के गबन और अवैध बिक्री के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 13,082 पुस्तकें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को शिक्षा विभाग के डीसी अशुतोष सिंह ने सूचना दी थी कि परिषदीय विद्यालयों में निःशुल्क वितरण के लिए आई सरकारी किताबें समद ट्रेडर्स व अन्य व्यक्तियों द्वारा बिक्री के लिए ले जाई जा रही हैं।
इस सूचना पर थाना रामगांव में मुकदमा संख्या 052/2026 धारा 3 सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13,082 सरकारी पुस्तकें बरामद कीं। इस मामले में आलोक मिश्रा, दिलशाद अली, शुभांकर गुप्ता तथा अर्जुन को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि आलोक मिश्रा, जो बीएसए कार्यालय में अनुचर पद पर तैनात था और पुस्तकों के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालता था, ने धन लाभ के उद्देश्य से अपने साथियों के साथ मिलकर स्टॉक से पुस्तकों का गबन कर अवैध बिक्री की। पुलिस ने मामले में धारा 61(2)ए व 316(5) बीएनएस की वृद्धि भी की है।
उल्लेखनीय है कि जिले में परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को निःशुल्क वितरण हेतु आई 10 टन से अधिक सरकारी पाठ्यपुस्तकों की खेप कबाड़ में बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया था। प्रशासन ने शिक्षा विभाग के चार कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया था कि 17 फरवरी को सूचना मिली थी कि दिलशाद अहमद नामक कबाड़ी द्वारा छात्रों को मुफ्त वितरित की जाने वाली किताबें ट्रक पर लादी जा रही हैं। सूचना पर पुलिस टीम भेजी गई, लेकिन ट्रक बहराइच से निकल चुका था। पीछा कर लखीमपुर में किताबों से लदे ट्रक को जब्त कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि जब्त ट्रक से शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए आई 10 टन से अधिक पुस्तकें बरामद हुईं। दस्तावेजों के अनुसार उक्त पुस्तकें उत्तराखंड के काशीपुर स्थित एक कंपनी को बेची गई थीं। पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है, जबकि वांछित समीर अहमद की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी महसी पवन कुमार ने कहा कि सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
