यौन शोषण के मुकदमे में फंसे अविमुक्तेश्वरनंद बोले - गिरफ्तारी का विरोध नहीं करूंगा
वाराणसी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि यौन शोषण के मुकदमे में अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो वह उसका विरोध नहीं करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि जनता, स्वयं का हृदय और ईश्वर तीनों ही अदालतों से उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है इसलिए उन्हें कोई भय नहीं है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती, उनके शिष्य तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर शनिवार देर रात किशोर लड़कों के यौन शोषण के आरोप में प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शंकराचार्य ने वाराणसी में संवाददाताओं से कहा कि अगर पुलिस उन्हें इस मुकदमे के सिलसिले में गिरफ्तार करती है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे, क्योंकि जो झूठ है वह अंत में साबित हो जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि उनके लिए तीन अदालतें है। उन्होंने कहा, "पहली अदालत जनता है जो सब देख रही है और वह अपना निर्णय देने वाली है।
दूसरा न्यायालय मेरा हृदय है, हम जान रहे हैं कि हम गलत नहीं हैं।
तीसरा और सर्वोच्च न्यायालय ईश्वर है। वह सब जानता है कि कौन गलत है और कौन सही।
तीनों ही अदालतों से मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है, इसलिए मुझे अब किसी का भय नहीं है।" शंकराचार्य ने कहा कि जो झूठ है वह अंत में सामने आ ही जाता है। उन्होंने कहा, "मेरे विरुद्ध जो कहानी गढ़ी गई है उसका सच आज नहीं तो कल, सबके सामने आ ही जाएगा।"
उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान वह मेले में सीसीटीवी कैमरा और मीडिया के कैमरे के सामने रहे क्योंकि चप्पे-चप्पे पर प्रशासन द्वारा सीसीटीवी लगाया गया था। शंकराचार्य ने कहा, "आप लोग वह सीसीटीवी फुटेज निकलवाइये और उसमें देखिए कि मैं कहां था। दूसरा यह कहा जा रहा है कि हमारे गुरुकुल में यह सब हो रहा था। जबकि हमारे गुरुकुल में वे लड़के कभी पढ़े ही नहीं। उन्होंने कभी हमारे गुरुकुल में प्रवेश तक नहीं किया।
उनके परीक्षा अंक पत्र से पता चलता है कि वे हरदोई के एक विद्यालय के छात्र हैं।" उन्होंने सवाल किया, "जब वे लड़के हमारे यहां पढ़ने नहीं है, कभी हमारे यहां आए नहीं है, यहां से कुछ लेना-देना नहीं है तब कैसे उनके साथ कोई कुछ कर सकता है?" शंकराचार्य ने कहा कि एक भ्रम यह भी फैलाया जा रहा है कि आरोप लगाने वालों के पास मेरी किसी रिकॉर्डिंग की एक सीडी है, यदि सीडी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
कथावाचक स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज की याचिका पर अदालत ने शनिवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य आरोपियों पर दो किशोरवय लड़कों के यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद देर रात इस सिलसिले में शंकराचार्य उनके शिष्य तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
