शंकराचार्य प्रकरण के लिए गठित हो न्यायिक कमीशन, बाराबंकी में इंडियन एसोसिएशन आफ लायर्स ने की मांग
बाराबंकी, अमृत विचार। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरा नन्द सरस्वती को राजनीतिक साजिश के तहत फर्जी आपराधिक वाद में फंसाया जा रहा है। यह बात रणधीर सिंह सुमन सदस्य कार्यकारिणी इंडियन एसोसिएशन आफ लायर्स ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र में कही है। उन्होने कहा कि संघ सनातनी हिन्दुओं के शंकराचार्य को बालभोग के आरोप में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर द्वारा फर्जी साक्ष्य सृजित कर उनका उत्पीड़न करने की कोशिश कर रहा है।
उसका मुख्य कारण यह है कि रामजन्म भूमि मंदिर पर संघ द्वारा ट्रस्ट बनाकर कब्जा किया जा चुका है, पार्टी विशेष के वोट सृजन का केन्द्र हिन्दुओं की भावनाओं को उग्र कर किया जा रहा है।
इस राजनीतिक उपयोग के बाद संघ सनातनी हिन्दुओं के प्रमुख स्थानों को कब्जा कर लेने की नियत से षडयंत्र कर रहा और जो सनातनी हिन्दू धर्मगुरू इस षड्यंत्र का विरोध करता है उसको सरकारी मशीनरी के सह पर ब्लैकमेलिंग कर अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है।
शंकराचार्य ने माघ मेले में प्रयागराज में अव्यवस्थाओं को लेकर विरोध किया था, उसी विरोध के स्वर को दबाने के लिए इस तरह के षडयंत्र किये जा रहे हैं। इसी तरीके से षडयंत्र धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ विपक्षी लोगों के खिलाफ किये जा रहे है, ऐसी दशा में न्यायिक कमीशन बनाकर जांच करने की आवश्यकता है।
