Modi Cabinet : पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘सेवा तीर्थ’ से शासन के नए युग की शुरुआत, कैबिनेट ने देशवासियों की सेवा का लिया संकल्प

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नये प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) परिसर में अपनी पहली बैठक में यह संकल्प लिया कि सेवा तीर्थ में लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में, यह संकल्प भी लिया गया कि संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। 

सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति में यही भावना निहित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।  यह बैठक एवं यह भवन नये भारत के नवनिर्माण की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है। 

एक बयान के मुताबित, ''इस शुरूआत के साथ, हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे।'' 

नए भारत के नवनिर्माण का प्रतीक

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ नए भारत के नवनिर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। आज़ादी के बाद दशकों तक साउथ ब्लॉक से संचालित शासन व्यवस्था के बाद यह परिसर स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और अनंत सामर्थ्य वाले भारत की संकल्पना को मूर्त रूप देता है। मंत्रिमंडल ने इस स्थान के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ उन अस्थायी बैरकों के स्थान पर निर्मित हुआ है जो ब्रिटिश काल में बने थे।

इस स्थल पर राष्ट्र संचालन के आधुनिक केंद्र का निर्माण नए भारत के कायाकल्प का प्रतीक माना गया। इसमें कहा गया है, ''हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामर्थ्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्त रूप है जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।''  

संबंधित समाचार