Bareilly : सड़कों पर आस्था और सांस्कृतिक विरासत की दिखी झलक
चहबाई से निकली भगवान नरसिंह की शोभायात्रा पर लोगों ने खूब बरसाया रंग
बरेली, अमृत विचार। चाहबाई क्षेत्र मंगलवार को भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया, जब भगवान नरसिंह की शोभायात्रा निकाली गई। पूजन और आरती के बाद ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया गया। जैसे ही सुसज्जित रथ आगे बढ़ा, ढोल-ताशों और शंखध्वनि ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु जय नरसिंह देव के जयकारों के साथ यात्रा के संग कदमताल करते नजर आए। आस्था और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
शोभायात्रा की शुरुआत श्री चित्रगुप्त मंदिर से हुई। इसके बाद बानखाना, श्री गौरी शंकर मंदिर, बजरिया, श्री अग्रसेन विद्यालय, दयानंद चौक और नॉवल्टी रोड से होती हुई यात्रा पुराना रोडवेज पहुंची। आगे बढ़ते हुए श्रद्धालु श्री काली मंदिर, गोपीनाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग और महादेव सेतु से होकर पुनः चाहबाई लौटे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान भक्ति गीतों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से वातावरण उल्लासमय रहा। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रसाद बांटा। छतों से लोगों ने शोभायात्रा पर फूल बरसाए। आयोजन समिति ने यात्रा की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। समापन पर सामूहिक आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। अध्यक्ष पंडित विजय मन्नू महाराज, अनुराग अग्रवाल, नीरू भारद्वाज, राहुल ठाकुर, गोविंद पटवा, मनीष पाठक, हनी शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
चंद्रग्रहण ने तोड़ी दशकों पुरानी परंपरा
बमनपुरी और चाहबाई की राम बरात और शोभायात्रा का दशकों पुराना साथ और मोर्चाबंदी इस बार देखने को नहीं मिली। चंद्रग्रहण के चलते इस बार राम बरात को एक दिन पहले सोमवार को निकाला गया था।धार्मिक मान्यताओं और ग्रहण के सूतक काल को देखते हुए आयोजकों ने यह फैसला लिया था। नरसिंह भगवान शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष विजय मन्नू महाराज ने बताया कि नरसिंह भगवान विराट रूप हैं, सारे ग्रह उनके अधीन होते हैं। हमने विद्वानों से भी जानकारी की थी। उन्होंने भी कहा कि इसमें कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।
बरेली कॉलेज व कालीबाड़ी पर हुई रंगों की मोर्चाबंदी
नॉवल्टी रोड के बाद कालीबाड़ी क्षेत्र में भक्तों का जोश देखते ही बना। बरेली कॉलेज के आसपास लोगों ने छतों से रंग व पानी की बौछार की। जमकर गुलाल उड़ाया। कालीबाड़ी मंदिर के पास हुरियारों और लोगों के बीच जमकर मोर्चेबंदी हुई। युवाओं ने पारंपरिक ढंग से रंगों की मोर्चाबंदी कर यात्रा का स्वागत किया। जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
