पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध जारी: ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए, खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह स्थगित

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

दुबई। अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने की घटना के बाद ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागीं। ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी भी दी है। 

इस हमले की इजराइल द्वारा घोषणा किए जाने से कुछ ही समय पहले उसकी सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह को निशाना बनाते हुए नए हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए बमबारी तेज कर दी थी। 

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने 'क्षेत्र के सैन्य व आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने' की धमकी दी 

पश्चिम एशिया में बुधवार को युद्ध के और तेज होने के साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ी धमकी जारी करते हुए कहा कि वह 'क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करने' के लिए बिल्कुल तैयार है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह बयान ईरानी सरकारी टेलीविजन के माध्यम से जारी किया। बयान के मुताबिक, "अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और छल का परिणाम क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक ढांचे के पूर्ण विनाश के रूप में होगा।

ईरान पर हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को स्थगित करना होगा। अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में 1989 में लाखों लोग शामिल हुए थे। 

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए युद्ध की शुरुआत की और यह संकेत दिया कि उनका लक्ष्य ईरान में सरकार को गिराना है सटीक लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव के कारण इस युद्ध के अनिश्चित काल तक जारी रहने की आशंका है। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ''शानदार प्रदर्शन'' के लिए बुधवार को अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए। 

तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं। युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्रियों को फंसे हुए हैं।

ये भी पढ़ें :
नेपाल में होली का उत्सव शुरू: राष्ट्रपति ने दी होली की शुभकामनाएं, पहाड़ी क्षेत्रों में धूम   

संबंधित समाचार