World Lymphedema Day : फाइलेरिया मरीज बने जागरूकता दूत, बीमारी उन्मूलन में निभा रहे अहम भूमिका 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : फाइलेरिया के खात्मे की दिशा में सफलता मिलती तब शुरू हुई, जब फाइलेरिया के मरीज खुद जागरूकता दूत बन गए। विभिन्न जिलों के फाइलेरिया के मरीज अब जागरूकता और समुदाय की भागीदारी के जरिए बीमारी उन्मूलन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

विश्व लिंफेडेमा दिवस के अवसर पर प्रदेश फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी का कहना है कि 2004 से चल रहे उन्मूलन प्रयासों को मरीजों की सक्रिय भागीदारी से मजबूती मिली है। बाराबंकी के 81 वर्षीय बाबादीन पिछले 15 वर्षों से फाइलेरिया से पीड़ित हैं।

अब वह अपने अनुभव को जागरूकता संदेश में बदल चुके हैं और ग्रामीणों को दवा लेने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी तरह, लखनऊ की कमला ने भी 20 वर्षों से प्रभावित होने के बावजूद अब गांव में लोगों को नियमित दवा सेवन के लिए जागरूक कर रही हैं।

प्रदेश के 19 जिलों में 87 ब्लॉकों में सक्रिय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) - पेशेंट सपोर्ट ग्रुप (पीएसपी) मंच में 1,736 मरीज शामिल हैं। ये मंच फाइलेरिया को लेकर मिथक और डर को दूर कर सामूहिक दवा सेवन और सही देखभाल की दिशा में समुदाय को जोड़ रहे हैं।

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