Bareilly News : होली पर बसें खाली, रोडवेज की उम्मीदों पर जोरदार झटका
सैटेलाइट और पुराना बस अड्डे पर भीड़ की जगह खामोशी ने बढ़ाई अफसरों की टेंशन
बरेली, अमृत विचार। होली को लेकर रोडवेज अधिकारियों ने यात्रियों की बढ़ती संख्या की उम्मीद में विशेष तैयारियां की थीं, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह उलट रही। सैटेलाइट और पुराने बस अड्डों पर होली से एक दिन पहले और होली के अगले दिन भी यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। लंबी दूरी और स्थानीय रूटों की कई बसें निर्धारित समय पर रवाना तो हुईं, लेकिन सीटें लगभग खाली नजर आईं। कई बसों में यात्री गिनती भर ही थे, जबकि आमतौर पर इस समय यात्रियों की भीड़ देखने को मिलती है।
परिवहन निगम के अधिकारी अनुमान लगा रहे थे कि दूसरे जिलों और राज्यों में काम करने वाले लोग होली से एक दिन पहले देर रात तक शहर पहुंचेंगे और बस अड्डों पर भीड़ रहेगी। इसी को देखते हुए 150 बसों के फेरे बढ़ाने की व्यवस्था की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। त्योहार के दिन और उसके अगले दिन भी बस अड्डों पर यात्रियों का टोटा ही दिखाई दिया। सैटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर टिकट काउंटरों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ रही। परिवहन कर्मियों के अनुसार होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान कई बार लोग अपने घरों में ही रहना पसंद करते हैं, जिसके कारण यात्रा कम हो जाती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से भी सफर करते हैं, जिससे रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घट जाती है।
इधर, खासबात यह रही कि दिल्ली, लखनऊ और आगरा समेत लंबी दूरी के रूटों के साथ-साथ स्थानीय रूटों की बसों में भी यात्रियों का टोटो देखने को मिला। गुरुवार को कई बसें गिनी चुनी सवारियों के साथ रवाना हुईं। यात्रियों की कमी का सीधा असर रोडवेज की आय पर भी पड़ा है। आरएम दीपक चौधरी का कहना कि यह स्थिति अस्थायी है। एक से दो दिन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। जैसे-जैसे लोग अपने कार्यस्थलों और दूसरे शहरों की ओर लौटेंगे, बसों में भीड़ बढ़ेगी। फिलहाल परिवहन निगम की ओर से सभी प्रमुख रूटों पर बसों का संचालन जारी रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
छुट्टियां रद्द, प्रोत्साहन योजना लागू
होली के त्योहार को देखते हुए शासन की ओर से रोडवेज के चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। यह योजना नौ मार्च तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत त्योहार के दौरान अधिकतम फेरे लगाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संचालन करने वाले चालक और परिचालकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य त्योहार के दौरान बसों का संचालन सुचारु बनाए रखना और कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही बसों की उपलब्धता बढ़ाने और यात्रियों को समय पर सुविधा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
