नमाज से पहले लाल चौक में कड़ी सुरक्षा: खामेनेई की मौत के बाद घाटी में तनाव, विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सख्त प्रतिबंध लागू
श्रीनगर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार की सामूहिक नमाज के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर कश्मीर घाटी के बड़े हिस्से में कड़ी सुरक्षा पाबंदियां लागू कर दी गयी हैं। श्रीनगर के कई संवेदनशील इलाकों, विशेषकर लाल चौक के आसपास और कई शिया बहुल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था जारी है। लाल चौक की ओर जाने वाली सड़क पर कांटेदार तार लगाकर उसे सील कर दिया गया, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है।
प्रतिबंधों को लागू करने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आज किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गयी । श्रीनगर के मुख्य इलाकों में भी सख्त पाबंदियां लागू हैं।
ये प्रतिबंध कश्मीर के कई हिस्सों में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को लगाये गये थे। रविवार से ही पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं धीमी गति से चल रही हैं।
पोस्टपेड मोबाइल डेटा की स्पीड 5जी/4जी/3जी से घटाकर 2जी कर दी गई है जबकि प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन पर इंटरनेट सेवाएं और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। पिछले चार दिनों से लागू प्रतिबंधों के बावजूद, कुछ क्षेत्रों से कई विरोध प्रदर्शनों की खबरें आई हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच मामूली झड़पें भी हुईं, जिनमें कुछ सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने संकेत दिया कि जमीनी स्थिति का अवलोकन करने के बाद आज शाम के बाद प्रतिबंधों की समीक्षा की जा सकती है। पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान एहतियात के तौर पर बंद रहे, सरकार ने स्कूलों को सात मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया है।
