मम्मी-पापा मुझे माफ करना... महिला रेलवे टेक्नीशियन ने फंदा लगाकर दी जान, 26 फरवरी को हुई थी इंगेजमेंट
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर के गोविंदनगर इलाके में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां भारतीय रेलवे की 28 वर्षीय टेक्नीशियन नेहा कुमारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। नेहा मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर की निवासी थीं और 2020 में रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त हुई थीं। उनकी तैनाती फजलगंज स्थित रेलवे वर्कशॉप में थी। परिजनों के अनुसार, नेहा की सगाई (इंगेजमेंट) 26 फरवरी को हो चुकी थी।
वह 23 फरवरी को त्योहार (होली) मनाने के लिए छुट्टी पर अपने बिहार स्थित घर गई थीं और गुरुवार (5 मार्च) को ही वापस कानपुर लौटी थीं। नेहा गोविंदनगर के दस-ब्लॉक में अपनी सहकर्मी सोनल के साथ किराए के कमरे में रहती थीं। घटना की जानकारी मिलने पर पता चला कि गुरुवार देर शाम सोनल जब कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने गोविंदनगर पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया तो नेहा का शव दुपट्टे से पंखे के सहारे लटका मिला। फोरेंसिक टीम की जांच में कमरे से एक डायरी बरामद हुई, जिसमें नेहा ने भावुक सुसाइड नोट लिखा था, "मम्मी-पापा मुझे माफ करना, मैं जान देने जा रही हूं।"
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को सूचित किया। नेहा के बड़े भाई चंदन (जो आगरा मेट्रो में कार्यरत हैं) ने बताया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी, तनाव या मानसिक दबाव की कोई जानकारी नहीं थी। नेहा का स्वभाव हंसमुख था और कार्यस्थल पर भी उनका किसी से कोई विवाद नहीं रहा।
साथी कर्मचारियों ने भी यही कहा कि वह मिलनसार और सकारात्मक स्वभाव की थीं। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट मिलने के बावजूद आत्महत्या का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें सगाई से जुड़े पहलुओं, पारिवारिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।
