नेपाल के रैपर-बालेन शाह, जो 'जेन-जी' की आंखों का तारा बनकर सत्ता के सिंहासन पर चमकने जा रहे 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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-रवि लामिछाने और बालेंद शाह ने कैसे नेपाल की राजनीति के धुरंधरों को जनता की नजरों से परे कर दिया

अमृत विचार : नेपाल ने कमाल कर दिया। जेन-जी की आंखों का 'तारा', रैपर से राजनेता बने बालेन शाह (बालेंद्र शाह) को सत्ता के सिंहासन तक पहुंचा दिया है। पिछले साल सितंबर में हुए जन-विद्रोह के बाद ये पहला आम चुनाव है। जिसमें बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 119 सीटों पर बढ़त बना रखी है। 

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राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के मुखिया रवि लामिछाने हैं, जो टीवी पत्रकार रहे हैं। पिछले साल सितंबर-2025 में हुए जनविद्रोह के बाद रवि लामिछाने और बालेंद्र शाह एक साथ आए थे। आरएसपी चुनाव अभियान की कमान बालेन शाह संभाले हुए हैं और यही कारण ये कि आरएसपी देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है।

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बालेंद्र शाह काठमांडू के मेयर हैं। एक रैपर के तौर पर करियर प्रारंभ करने वाले बालेंद्र शाह पिछले साल 2025 के जनविद्रोह में जेन-जी के फेवरेट बनकर सामने आए थे। 

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उस आंदोलन ने नेपाल की तत्कालीन केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका था। भारी बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के बीच करीब 77 नेपाली नागरिक मारे गए थे। 

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अंत में केपी शर्मा ओली इस्तीफा देना पड़ा। आखिर में नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहीं सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री चुना गया था।

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अंतरिम पीएम सुशीला कार्की ने नेपाल की जनता से छह महीनों में आम चुनाव कराने का वदा किया था और इसी क्रम में ये चुनाव हो रहा है-जिसमें जेन-जी की पसंद एक बार बालेन शाह के रूप में सामने आ रही है। 

कैसे होता है नेपाल सरकार का चुनाव 

नेपाली संसद को प्रतिनिध सभा कहा जाता है। इसमें 275 सीटें हैं। और 275 सांसदों का चुनाव होता है। नेपाल का चुनावी सिस्टम भारत से काफी अलग है। यहां मिक्स्ड इलेक्टोरल सिस्टम है।

मतलब, हर वोटर को दो वोट डालने का अधिकार है। एक वोट सांसद चुनने के लिए डाला जाता है और दूसरा वोट पार्टी के लिए। मतलब सांसद को वोट देने के साथ पार्टी को भी वोट देना होता है।

किने सांसद सीधे चुने जाते 

नेपाल में 165 सांसद सीधे चुने जाते हैं। और 110 सांसद पार्टियों को मिले वोटों से चुने जाते हैं। मतलब जिस पार्टी को जिस अनुपाल में वोट मिलते हैं-उसी अनुपाल में उसके सांसदों का चयन होता है। नेपाल में प्रतिनिधि सभा के आम चुनाव में 5 मार्च को वोट डाले गए थे। 

इस बार 58 प्रतिशत वोटिंग 

नेपाल चुनाव में इस बार पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम वोटिंग हुई है। 77 जिलों में 58 फीसदी वोट पड़े हैं। यहां चुनाव के लिए 1.89 करोड़ से ज्यादा मतदाता पंजीकृत थे। यहां पिछले 2022 के चुनाव में 61.63 प्रतिशत वोट डाले गए थे।

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