सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी से लखनऊ में बवाल, ABVP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, फूंका मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला
लखनऊ। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद तेजी से बढ़ता जा रहा है। मौलाना के इस बयान ने यूपी और बिहार में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रमजान के दौरान बिहार में एक मजहबी जलसे में मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश में लागू गौकशी विरोधी कानूनों की कड़ी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी की मां का जिक्र करते हुए बेहद अभद्र, आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो में मौलाना ने यह टिप्पणी कई बार दोहराई, जिससे यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
मौलाना ने गौकशी कानून के विरोध में मुस्लिम समुदाय को उकसाते हुए यूपी की पुलिस और मुख्यमंत्री की नीतियों पर भी तीखे हमले किए, लेकिन उनकी टिप्पणी मुख्य रूप से योगी की मां पर केंद्रित रही, जिसे अश्लील और अपमानजनक माना जा रहा है।
शनिवार को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि चार दिनों के अंदर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
क्या बोले महंत राजू दास...
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "बिहार सरकार या तो मौलाना को जेल भेजे या ईश्वर के पास भेजे।" उन्होंने इसे मां भारती और गौमाता के अपमान से जोड़ा। वहीं गौसेवा संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने लखनऊ के आलमबाग थाने में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी। इसे समाज में वैमनस्य फैलाने वाला और भड़काऊ बयान बताया गया है।
मामले में अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग मौलाना के खिलाफ लगातार विरोध जता रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामला लगातार गरमाता जा रहा है।
